Dhamtari. धमतरी। जिले के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायालय धमतरी ने घटना के करीब एक वर्ष के भीतर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए पांच वयस्क आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। 11 अगस्त 2025 की रात मामूली विवाद के बाद तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस की साक्ष्य आधारित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद 12 अगस्त 2026 को न्यायालय ने
पांचों आरोपियों
को दोषसिद्ध कर दिया। मामला थाना अर्जुनी क्षेत्र के ग्राम भोयना का है। पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2025 की रात करीब 11:20 बजे अन्नपूर्णा ढाबा के पास आरोपियों और मृतकों के बीच मामूली विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी।

देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। इसी दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने धारदार चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी और सुरेश हियाल पर कथित रूप से प्राणघातक हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण तीनों युवकों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अर्जुनी पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और सीएसपी के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए धारदार चाकू को भी बरामद किया।

पुलिस जांच में कुल आठ आरोपियों की पहचान हुई थी। इनमें पांच वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे। तीनों बाल आरोपियों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं पांच वयस्क आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मामला चलाया गया। दोषसिद्ध वयस्क आरोपियों में मुख्य आरोपी ग्राम मथुराडीह निवासी गोपी दीवान, उम्र 20 वर्ष, कुलेश्वर नेताम, उम्र 25 वर्ष, रणवीर कुमार साहू, उम्र 20 वर्ष, कमलेश ध्रुव, उम्र 19 वर्ष और गौतम दीवान, उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। सभी आरोपियों को मामले में दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है। पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण की विवेचना में घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के कथनों को विधिवत दर्ज किया गया। घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के साथ अन्य जरूरी साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया गया। पुलिस ने मामले को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित तरीके से आगे बढ़ाते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मजबूत प्रकरण प्रस्तुत किया।

न्यायालय के समक्ष पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और विवेचना के दौरान संकलित सामग्री के आधार पर आरोपियों की दोषसिद्धि हुई। मुख्य आरोपी गोपी दीवान को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 सहपठित धारा 190 के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत भी अलग-अलग कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार निर्धारित सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में पुलिस की विवेचना की भी विशेष रूप से सराहना की गई है। तिहरे हत्याकांड जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, हथियार की बरामदगी, घटनास्थल से साक्ष्य संकलन और गवाहों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना गया। तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू और उनकी टीम की भूमिका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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