नाबालिग को चोरी के शक में खंभे से बांधकर पीटा, 2 आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-10-29 13:41 GMT
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चाय-नाश्ते की दुकान में चोरी के शक में एक नाबालिग लड़के को बंधक बनाकर खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे की है। राजीव नगर निवासी प्रकाश नेताम अपनी दुकान में चाय-नाश्ता और किराना सामग्री बेचता है। उसी दौरान दुकान से गोली, बिस्किट और सिगरेट गायब हो गए। इस पर प्रकाश नेताम और उसके भाई दीपक नेताम ने चोरी का शक अपने ही इलाके के एक नाबालिग पर जताया। दोनों ने नाबालिग को पकड़कर दुकान के पास स्थित एक खंभे से रस्सी से बांध दिया और उसकी बेल्ट, हाथ और थप्पड़ों से पिटाई की।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया और बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि नाबालिग डरा-सहमा खंभे से बंधा हुआ है और आरोपी उसे लगातार पीट रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित परिवार अपमान और मानसिक तनाव में आ गया। पीड़ित नाबालिग के पिता ने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को चोरी का झूठा आरोप लगाकर बंधक बनाकर मारा गया और वीडियो बनाकर उसकी बेइज्जती की गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी- प्रकाश नेताम और दीपक नेताम को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(2), 127(2), 3(5) के साथ-साथ बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 74 व 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को देखने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पीड़ित बच्चे की पहचान कराई गई और उसके पिता से संपर्क साधा गया। शिकायत मिलने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। डीएसपी बनर्जी ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेना अपराध है। अगर किसी पर चोरी या अन्य संदेह है, तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए, न कि स्वयं सजा देने का प्रयास किया जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखी क्रूरता बाल अधिकार संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है, और भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़ित नाबालिग का बयान दर्ज किया है और उसके
चिकित्सीय
परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। फिलहाल बच्चा अपने परिवार के साथ सुरक्षित है। अधिकारियों ने कहा कि वीडियो वायरल करने वालों की भी पहचान की जा रही है ताकि साइबर कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा सके। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्याय देने या सजा देने का अधिकार केवल कानून को है। नाबालिग पर इस तरह की हिंसा समाज के लिए शर्मनाक है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
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