Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए कांग्रेस ने संगठन स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। कांग्रेस ने सभी नियुक्त पर्यवेक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में पहुंचकर चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना और चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
नगर निगम क्षेत्रों में मिली जिम्मेदारी
कांग्रेस ने प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों के लिए वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया है। इसमें बीरगांव नगर निगम की जिम्मेदारी डॉ. शिवकुमार डहरिया को दी गई है। उनके साथ मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। भिलाई नगर निगम के लिए धनेंद्र साहू को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि दीपक दुबे को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिली है। रिसाली नगर निगम क्षेत्र में मोहन मरकाम को पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं कन्हैया अग्रवाल सह-पर्यवेक्षक के रूप में काम करेंगे। भिलाई-चरोदा नगर निगम के लिए विकास उपाध्याय को पर्यवेक्षक और राजेन्द्र साहू को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
नगर पालिका क्षेत्रों में भी तैनाती
कांग्रेस ने नगर पालिका क्षेत्रों के लिए भी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। बैकुंठपुर नगर पालिका की जिम्मेदारी राजेन्द्र सिंह को दी गई है। शिवपुर चरचा नगर पालिका के लिए प्रशांत मिश्रा को पर्यवेक्षक बनाया गया है। सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में चातुरी नंद को जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा जामुल नगर पालिका के लिए प्रमोद दुबे और खैरागढ़ नगर पालिका के लिए छन्नी साहू को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
नगर पंचायतों में भी संगठन सक्रिय
नगर पंचायत क्षेत्रों में भी कांग्रेस ने अपने नेताओं को चुनावी जिम्मेदारी दी है। प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए भानुप्रताप सिंह, मारो के लिए सुनील महेश्वरी और नरहरपुर के लिए आनंद पवार को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
वहीं कोन्टा नगर पंचायत की जिम्मेदारी अवधेश गौतम को दी गई है। भैरमगढ़ के लिए रेखचंद जैन और भोपालपटनम के लिए सततार अली को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
चुनावी तैयारियों पर रहेगा फोकस
कांग्रेस की ओर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्यवेक्षक अपने क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।
इसके अलावा संभावित प्रत्याशियों की स्थिति, संगठन की मजबूती और चुनावी मुद्दों को लेकर भी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षकों को दी गई है।
पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय किया जाए और स्थानीय निकायों में बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति तैयार की जाए।