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अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन से पहले मरीज की मौत, परिजन सदमें में

Shantanu Roy
29 Oct 2025 6:03 PM IST
अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन से पहले मरीज की मौत, परिजन सदमें में
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गलत दवा देने और लापरवाही का आरोप
Lucknow. लखनऊ। लखनऊ में ऑपरेशन थिएटर में गिरकर मरीज की मौत हो गई। मरीज का मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना था। उन्हें OT में लाया गया। करीब 10-15 मिनट बाद गिरने की तेज आवाज आई। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि वह कुर्सी से गिर गए हैं। मरीज का चेहरा नीला पड़ गया था। आंख सूज गई थी। उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया। सीपीआर दिया गया। कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान गलत दवाई देने और घटना के बाद मामले को दबाए रखने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चेहरे और आंख पर गंभीर चोट थी। घटना मंगलवार रात की बलरामपुर अस्पताल की है। मृतक की पहचान कश्मीरी मोहल्ला के मैदान एलएच खां निवासी 55 साल के बादशाह हुसैन के रूप में हुई। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया।

अंतिम संस्कार के लिए बॉडी घर ले गए। कश्मीरी मोहल्ला के मैदान एलएच खां निवासी बादशाह हुसैन (55) जरदोजी कारीगर थे। कुछ दिनों से उनकी आंखों में समस्या थी। डॉक्टरों ने मोतियाबिंद बताकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। वह मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए सोमवार को बलरामपुर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में भर्ती हुए। उनके दामाद बहादुर शाह ने बताया कि सोमवार रात में ससुर को दो बोतल दवाई चढ़ाई गई। मंगलवार सुबह तीन बोतल दवाई चढ़ाई गई। वह सामान्य रूप से चल फिर रहे थे। दवाई चढ़ने के बाद वह पेशाब करने गए। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे वह ससुर को ऑपरेशन के लिए आई ओटी लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर और स्टाफ ने ससुर को ओटी में कुर्सी पर बैठा दिया। उन्हें बाहर कर दिया।

डॉक्टर भागते हुए OT पहुंचीं
बहादुर शाह का आरोप है कि इसके 10-15 मिनट बाद ऑपरेशन थिएटर के अंदर से धड़ाम से किसी भारी चीज के गिरने की आवाज आई। उन्होंने नर्स को भागते देखा तो पूछा कि क्या हुआ, लेकिन नर्स ने कुछ नहीं बताया। उन्हें ओटी के अंदर नहीं जाने दिया गया। इतनी देर में महिला नेत्र रोग डॉक्टर, चार-पांच नर्स और अन्य स्टाफ ओटी में अंदर भागते हुए पहुंचे। वह बाहर वेटिंग एरिया में ही दूसरे तीमारदारों के साथ बैठे रहे। करीब 10 से 15 मिनट बाद उन्हें बताया गया कि बादशाह कुर्सी से गिर पड़े थे।

बहादुर ने बताया कि डॉक्टर और स्टाफ ने मरणासन्न हालत में उनको चादर में उठाकर स्ट्रेक्चर से आईसीयू में पहुंचाया। इस बीच उनको सीपीआर दिया गया। मंगलवार रात में करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। बहादुर का आरोप है कि ओटी में गलत दवा देने की वजह से ही ससुर की हालत बिगड़ी। डॉक्टर और स्टाफ ने मामले को दबाए रखा। बलरामपुर अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या ने बताया कि मंगलवार को एक पेशेंट आई ओटी में ऑपरेशन से पहले अचानक बेहोश हो गए थे। उसके बाद उन्हें ICU में भर्ती किया गया था। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया।
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