भारत
सात साल से बिना वीजा के भारत में रह रहा था नाइजीरियन, गिरफ्तार
Shantanu Roy
29 Oct 2025 4:52 PM IST

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पुलिस ने ऐसे सुलझाया केस
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दक्षिण-पश्चिम जिले के पालम गांव पुलिस चौकी की सतर्क टीम ने एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले सात वर्षों से भारत में बिना वैध वीजा दस्तावेजों के रह रहा था। पुलिस ने बताया कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब एफआरआरओ (Foreigners Regional Registration Office) नई दिल्ली की मदद से उसे वापस नाइजीरिया भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इमैनुएल ओगुगुआ (43) निवासी नाइजीरिया के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वह भारत में मेडिकल वीजा पर आया था, लेकिन इलाज खत्म होने के बाद भी उसने देश नहीं छोड़ा और बिना वैध दस्तावेजों के लगातार दिल्ली में रह रहा था।
अवैध विदेशियों पर विशेष अभियान
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध रोकथाम और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत खुफिया सूत्रों की मदद से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुधीर कुमार गुलिया ने किया, जबकि अभियान की देखरेख एसीपी अनिल कुमार द्वारा की गई। टीम में एएसआई वीरेंद्र, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार और कांस्टेबल कमलेश शामिल थे। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पालम और डाबरी इलाके में कुछ नाइजीरियाई नागरिक बिना वैध वीजा के रह रहे हैं और उनमें से कुछ धार्मिक गतिविधियों में भी शामिल हैं।
मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई
पुलिस टीम ने जब इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पूछताछ में जब उससे पहचान पत्र और वीजा दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने जब उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के लिए नाइजीरियाई दूतावास से संपर्क किया, तो यह पता चला कि उसका वीजा कई वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका है और उसने उसका नवीनीकरण (renewal) नहीं कराया था।
दूतावास से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमैनुएल भारत मेडिकल ट्रीटमेंट वीजा पर आया था। इलाज पूरा होने के बाद भी वह भारत में रुका रहा और धीरे-धीरे स्थानीय समुदाय में घुल-मिल गया। पहले वह दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान ठहरा था और बाद में डाबरी इलाके के एक चर्च में अपने एक नाइजीरियाई मित्र के साथ रहने लगा।
चर्च में देने लगा धार्मिक प्रवचन
पुलिस जांच में सामने आया कि इलाज के बाद इमैनुएल डाबरी स्थित चर्च में नियमित रूप से जाने लगा और वहां धार्मिक भाषण (sermons) देने लगा था। उसने वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत नहीं छोड़ा और न ही अपने दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए कोई आवेदन दिया।
हाल ही में उस चर्च में निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसके कारण उसने वहां रहना छोड़ दिया और महावीर एन्क्लेव इलाके में अपने परिचितों के साथ रहने लगा। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से उसकी गतिविधियों की सूचना मिली और उसे ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया।
सात साल से अवैध रूप से रह रहा था भारत में
पुलिस के अनुसार, इमैनुएल पिछले सात साल से भारत में अवैध रूप से रह रहा था। उसका वीजा लगभग 2017-18 के आसपास खत्म हो चुका था। उसके बाद से उसने कोई नवीनीकरण नहीं कराया और विभिन्न स्थानों पर छिप-छिपकर रह रहा था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसे भारत में रहना पसंद था और वह चर्च के माध्यम से समाजसेवा करना चाहता था, लेकिन उसने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भारत में वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रहना विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 के तहत अपराध है। इस कानून के तहत अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर एफआरआरओ के माध्यम से देश से निर्वासित (deport) किया जाता है।
पुलिस की सख्त निगरानी
इस मामले में पुलिस अब इमैनुएल ओगुगुआ से पूछताछ कर रही है कि क्या वह किसी अन्य विदेशी गिरोह या नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह किसी धार्मिक या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में नाइजीरियाई नागरिकों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। इनमें से कई लोग वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं। पुलिस इनकी पहचान कर एफआरआरओ और दूतावासों के साथ मिलकर उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया तेज कर रही है।
एफआरआरओ के सहयोग से होगी देश-निर्वासन की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद एफआरआरओ नई दिल्ली के हवाले किया जाएगा। एफआरआरओ दूतावास के सहयोग से उसके देश वापसी की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस दौरान उसके ठिकानों और संपर्कों की जांच जारी रहेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके साथ और कोई विदेशी नागरिक तो अवैध रूप से नहीं रह रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने किया सतर्कता का आह्वान
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि किसी विदेशी नागरिक के संदिग्ध रूप से रहने की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में अवैध प्रवासियों की पहचान और निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
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