Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक मानसिक रूप से बीमार महिला की हत्या का मामला सामने आया है। 23 फरवरी को ग्राम देवी नवागांव निवासी सावित्री बाई निषाद (38) का शव तांदुला नदी किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। जांच के दौरान पता चला कि महिला की हत्या उसके पति धर्मेंद्र निषाद (43) ने रस्सी से गला घोंटकर की थी। आरोपी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। प्रारंभ में धर्मेंद्र ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दावा किया कि उसकी पत्नी गिरकर मर गई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हत्या करना स्वीकार किया। धर्मेंद्र ने बताया कि पत्नी पिछले दो सालों से मानसिक रूप से बीमार थी और बुजुर्ग मां और बेटी को खाना नहीं परोसती थी। इसी गुस्से में उसने हत्या की।
हत्या के बाद आरोपी ने ढूंढने का नाटक किया। अपने रिश्तेदार तिलक राम निषाद के साथ गांव में महिला को खोजने का नाटक किया। मोबाइल से फोटो लेकर सरपंच को भेजा। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जांच में यह भी सामने आया कि महिला के गले में रस्सी कसकर हत्या की गई थी। मौके पर चप्पल उल्टी पड़ी मिली, एक हाथ की चूड़ी टूटी हुई थी और दूसरे हाथ में घास-मिट्टी पड़ी थी, जिससे संघर्ष की पुष्टि हुई। पुलिस ने 24 फरवरी को फॉरेंसिक और साइबर टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपी ने शुरुआती बयान में कहा कि पत्नी गिर गई होगी।
रस्सी गलती से गले में फंस गई होगी। लेकिन साक्ष्यों और पूछताछ के बाद हत्या की वास्तविकता सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के समय महिला अकेली नहीं थी। आरोपी के अनुसार पत्नी कई बार बिना बताए मायके चली जाती थी और घर में विवाद पैदा करती थी। इसी को लेकर गुस्से में उसने हत्या की योजना बनाई। घटना ने ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन में चिंता बढ़ा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच आगे बढ़ा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस से तत्काल न्याय की मांग की है। यह मामला घरेलू हिंसा और मानसिक रोग से प्रभावित परिवारों में सुरक्षा की जरूरत को उजागर करता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।