बैंक नोडल अधिकारियों की बैठक, साइबर ठगी रोकने और KYC सत्यापन पर सख्त निर्देश
छग
Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में बैंकिंग सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर समस्त बैंकों के नोडल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) के मार्गदर्शन में यातायात कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के निर्देशों के तहत कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसमें लगभग 50 बैंक नोडल अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में साइबर ठगी के मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों को बैंक से टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही सभी बैंक शाखाओं में हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया। नए बैंक खातों के खोलने में कड़ाई से भौतिक सत्यापन करने, पंजीकृत मोबाइल नंबर की पुष्टि कॉल या एसएमएस के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए। कॉर्पोरेट खातों में भी 15 दिनों के भीतर पुनः सत्यापन अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि बैंक परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए और प्रवेश द्वार व अन्य संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए जाएं। संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने, डिमांड ड्राफ्ट सत्यापन के बाद ही राशि ट्रांसफर करने और बार-बार खाता खोलने वाले व्यक्तियों की पहचान कर पुलिस को जानकारी देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक बैंक में एक लीगल अधिकारी नामित करने, बैंक और पुलिस के बीच सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने और साइबर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए समन्वय मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बनाने और ठगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी संस्थानों को मिलकर काम करना होगा।