चौहान टाउन के फ्लैट में लगी भीषण आग, दमकल दल ने समय रहते आग पर पाया काबू
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Durg. दुर्ग। स्मृति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चौहान टाउन में रविवार शाम करीब 07:30 बजे एक फ्लैट में अचानक आग लगने की घटना सामने आई। यह फ्लैट श्री कृष्णा कावरिया के आवास के प्रथम तल पर स्थित बताया गया है। आग लगते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, फ्लैट से अचानक धुआं और आग की लपटें निकलती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन कार्यालय दुर्ग को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो दमकल टीमें मौके के लिए रवाना की गईं। समय पर पहुंची टीम ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आग बुझाने का कार्य शुरू किया।
अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि जब टीम मौके पर पहुंची तो फ्लैट के भीतर से तेज लपटें और भारी धुआं निकल रहा था। इसके बावजूद अग्निशमन दल ने साहस और तत्परता दिखाते हुए फ्लैट के अंदर प्रवेश कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है और इसे अज्ञात माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
घटना स्थल पर जिला अग्निशमन अधिकारी श्री नागेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पूरा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया गया। उनके मार्गदर्शन में टीम ने तेजी से कार्य करते हुए आग को आसपास के फ्लैटों तक फैलने से रोक दिया। इस कार्रवाई में अग्निशमन सहायक प्रभारी प्रवीण बारा, दल प्रभारी केशव यादव और शरद मेश्राम सहित अग्निशमन कर्मी धर्मेंद्र बंजारे, मोहन राव, राहुल, पवित्र, हरीश, मनोज, पराग और खेमराज शामिल रहे। सभी ने मिलकर समन्वय के साथ कार्य करते हुए आग पर नियंत्रण पाया।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, टीम की तत्परता और समय पर कार्रवाई के कारण किसी प्रकार की जनहानि या बड़ी संपत्ति क्षति होने से बचाव हो सका। घटना स्थल पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की अन्य दुर्घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन ने बताया कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही प्रभावित फ्लैट का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि यदि टीम समय पर नहीं पहुंचती तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी।