छत्तीसगढ़

CG BREAKING: कालाहांडी में 4.1 तीव्रता का भूकंप, गरियाबंद में भी महसूस हुए झटके

Shantanu Roy
29 April 2026 9:34 PM IST
CG BREAKING: कालाहांडी में 4.1 तीव्रता का भूकंप, गरियाबंद में भी महसूस हुए झटके
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लोगों में दहशत
Gariaband. गरियाबंद। ओडिशा के कालाहांडी जिले में बुधवार शाम आए 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले गरियाबंद तक महसूस किए गए, जिससे पूरे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप का केंद्र कालाहांडी जिला रहा और इसकी गहराई लगभग 24 किलोमीटर दर्ज की गई है। भूकंप के झटके शाम करीब 7:42 बजे महसूस किए गए, जो लगभग 3 सेकेंड तक रहे। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में लोगों ने तेज कंपन के साथ हल्की
गड़गड़ाहट
जैसी आवाज भी महसूस की। अचानक हुए इस झटके से लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि भूकंप की तीव्रता मध्यम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
स्थानीय लोगों के अनुसार देवभोग क्षेत्र में उस समय मौसम भी बदल रहा था। बारिश के बाद आसमान में बिजली चमक रही थी, इसी दौरान अचानक जमीन में कंपन महसूस हुआ, जिससे लोग डर गए। कुछ लोगों ने इसे पहले सामान्य धमाका समझा, लेकिन बाद में लगातार झटकों के कारण स्थिति स्पष्ट हुई कि यह भूकंप था। कंपन का असर केवल देवभोग तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अमलीदर तहसील क्षेत्र और आसपास के गांवों में भी लोगों ने झटके महसूस किए। कई घरों में रखे बर्तन और हल्की वस्तुएं हिलने लगीं, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं और संभावित भूकंप की चर्चा तेज हो गई।
प्रशासनिक स्तर पर राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और सभी संबंधित क्षेत्रों से जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रारंभिक आकलन में यह माना जा रहा है कि 4.1 तीव्रता के भूकंप से बड़े ढांचों को नुकसान नहीं होता, लेकिन कच्चे मकानों में हल्की दरारें आने की संभावना रहती है। गरियाबंद के तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने बताया कि पूरे क्षेत्र से भूकंप के झटकों की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले की जानकारी भूगर्भ विशेषज्ञों को भी दी जाएगी ताकि विस्तृत अध्ययन किया जा सके।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और शांति बनाए रखें। यदि भविष्य में फिर से झटके महसूस होते हैं तो लोग सुरक्षित खुले स्थानों पर चले जाएं और भारी वस्तुओं से दूर रहें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह भी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत का पूर्वी और पूर्वी-मध्य क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है, जहां हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप समय-समय पर महसूस किए जाते हैं। ऐसे में लोगों को हमेशा सतर्क रहने और आपदा के समय सही व्यवहार अपनाने की आवश्यकता होती है। इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में भूकंप सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे हालात से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा सकते हैं।
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