Bilaspur. बिलासपुर। शारीरिक दक्षता परीक्षण में 100 मीटर दौड़ का समय 12 सेकंड दर्ज होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज के जरिए वास्तविक समय का सत्यापन कराया है। फुटेज की जांच में याचिकाकर्ता भूपेंद्र चौधरी की दौड़ पूरी करने का समय 14 सेकंड सामने आया है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पांच सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट बिलासपुर में जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता की 100 मीटर दौड़ से संबंधित CCTV फुटेज पेश की जाए। साथ ही फुटेज की स्वतंत्र जांच कर समय का सत्यापन कराने के लिए अधिवक्ता आनंद मोहन तिवारी को सहयोग करने कहा गया था।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के समक्ष CCTV फुटेज प्रस्तुत की गई। यह फुटेज याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की मौजूदगी में दिखाई गई। इसके बाद अधिवक्ता आनंद मोहन तिवारी ने फुटेज की स्वतंत्र रूप से जांच की और दौड़ के समय का सत्यापन किया। जांच के दौरान सामने आया कि CCTV फुटेज में भूपेंद्र चौधरी ने सुबह 8 बजकर 15 मिनट 50 सेकंड पर 100 मीटर दौड़ शुरू की थी। उन्होंने 8 बजकर 16 मिनट 04 सेकंड पर दौड़ पूरी की। इस तरह दौड़ पूरी करने में कुल 14 सेकंड का समय लगा। इससे पहले रिकॉर्ड में भूपेंद्र चौधरी की 100 मीटर दौड़ का समय 12 सेकंड दर्ज होने का दावा किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से इसी समय को लेकर आपत्ति जताई गई थी और हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि CCTV फुटेज सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो रहा है कि 12 सेकंड में दौड़ पूरी करने का दावा सही प्रतीत नहीं होता। फुटेज के अनुसार वास्तविक समय 14 सेकंड है। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से राज्य सरकार को मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब प्रस्तुत करने के लिए पांच सप्ताह का समय प्रदान किया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। कोर्ट ने CCTV फुटेज की जांच में सहयोग करने वाले अधिवक्ता आनंद मोहन तिवारी के प्रयासों की भी सराहना दर्ज की है। मामले में अब राज्य सरकार के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी। कोर्ट के सामने मुख्य विषय शारीरिक दक्षता परीक्षण में दर्ज समय और CCTV फुटेज से सामने आए वास्तविक समय के बीच अंतर को लेकर है। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में अगली कार्रवाई राज्य सरकार के जवाब के आधार पर होगी।