सरकारी नौकरी का झांसा देकर 11 लाख रुपये की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2026-02-25 17:16 GMT
Dongargarh. डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ जिले में एक सरकारी नौकरी ठगी मामला सामने आया है, जिसमें कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से कुल 11 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। हालांकि, जांच अब और संवेदनशील हो गई है क्योंकि इसमें राजनीतिक संरक्षण और रसूखदार लोगों की भूमिका सामने आने की चर्चा है। पीड़ित धीरज साहू की शिकायत पर डोंगरगढ़ थाना में
अपराध क्रमांक
97/2026, धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाकर उनसे अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम वसूली गई। कुल पांच पीड़ितों से 11 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया, लेकिन अब जांच उस नेटवर्क तक पहुंच गई है, जिसमें कथित रूप से प्रभावशाली लोग और राजनीतिक दलों से जुड़े नेता शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि भोले-भाले युवाओं को भरोसे में लेने और नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने में ये प्रभावशाली चेहरें शामिल थे। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा ने बताया कि जांच जारी है और अन्य रसूखदार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा और शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सख्ती बरती है। यह घटना एक बार फिर से बेरोजगारी के नाम पर सक्रिय ठगी गिरोहों और उनके कथित राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार इस मामले पर चिंतित हैं। युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सपना एक ठगी और धोखाधड़ी का माध्यम बन गया है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि इस प्रकार की ठगी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मामले में अब तक मुख्य आरोपी जेल में है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सख्त रणनीति बनाई है। पूरे जिले की नजरें इस जांच पर टिकी हुई हैं, ताकि यह ठगी गिरोह और इसके कथित राजनीतिक संरक्षण का पर्दाफाश हो सके। यह घटना युवाओं के बीच सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की गंभीर समस्या को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जांच में शामिल सभी रसूखदार व्यक्तियों को कड़ी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में ऐसी ठगी को रोकने के लिए सख्त निगरानी और कानून प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाएगा।
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