महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

छग

Update: 2026-07-02 16:46 GMT
Raipur. रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग द्वारा गुरुवार को इंद्रावती भवन से जारी आदेश में विभिन्न शाखाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों का नया विभाजन किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। जारी सूची के अनुसार आईसीडीएस शाखा का प्रभार अपर संचालक अर्चना राणा सेठ को सौंपा गया है। उप संचालक के रूप में युवानंद खुंटे और रजनीश कोरे की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा सहायक संचालक के रूप में समीर सोरभ और सनमान असरोरी को जिम्मेदारी दी गई है। सहायक कर्मचारियों में प्रीति साहू, सौभाग्य कौशिक, धीरज कुमार साहू, सुषमा पैकरा और दुरूद साहू को आईसीडीएस शाखा में शामिल किया गया है।

मिशन वात्सल्य शाखा में नई जिम्मेदारी
मिशन वात्सल्य शाखा में भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। यहां अपर संचालक अर्चना राणा सेठ और उप संचालक नीलम देवांगन को कार्यभार सौंपा गया है। सहायक कर्मचारी के रूप में विकास सिंह की नियुक्ति की गई है। स्थापना एवं न्यायालयीन प्रकरण शाखा का प्रभार भी अपर संचालक अर्चना राणा सेठ के पास रहेगा। उप संचालक के रूप में श्रुति पी. नेरकर और ममता साहू को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सहायक संचालक के रूप में कनकवला राम कार्य करेंगे। सहायक कर्मचारियों में जितेन्द्र कुमार ठाकुर, आनंदराव चौधरी, योगिता साहू और हेमलता अग्रवाल को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण एवं जनसंपर्क शाखा की जिम्मेदारी भी अपर संचालक अर्चना राणा सेठ और उप संचालक युवानंद खुंटे को सौंपी गई है। सहायक कर्मचारी के रूप में ललित कुमार उइके को कार्यभार दिया गया है।

महिला सशक्तिकरण शाखा में बदलाव
महिला सशक्तिकरण शाखा में संयुक्त संचालक सीएस लाल को जिम्मेदारी दी गई है। उप संचालक के रूप में आनंद प्रकाश कश्यप को नियुक्त किया गया है। आईसीडीएस शाखा से हटाकर अभय कुमार देवांगन को अब इस शाखा में भेजा गया है। सहायक संचालक के रूप में ममता भगत और शिवकुमार सोनी कार्य करेंगे। सहायक कर्मचारियों में खिलेश्वरी साहू, अतुल रायचांदाकर, शिवकुमार साहू, गीता सेन और गायत्री साहू को शामिल किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पुनर्गठन से विभागीय कार्यों में गति आएगी और योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा।
Tags:    

Similar News