नाबालिग से गैंगरेप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2026-02-07 17:32 GMT
Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में नाबालिग पीड़िता के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महिला थाना, दुर्ग में दर्ज इस संवेदनशील प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 30 जनवरी 2026 को पीड़िता अपनी माता के साथ
महिला थाना
दुर्ग पहुंची थी, जहां उसने लिखित आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए। आवेदन में उल्लेख किया गया कि अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच, पीड़िता के नाबालिग होने की पूरी जानकारी होते हुए भी कुल छह आरोपियों द्वारा उसके साथ बार-बार दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की गईं। यह घटनाएं लंबे समय तक चलीं, जिससे पीड़िता को गंभीर मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी। पीड़िता की रिपोर्ट पर महिला थाना दुर्ग में विधिवत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 12 के तहत अपराध कायम कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा संवेदनशीलता के साथ जांच की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें विजय स्वाइन (37 वर्ष), निवासी दुर्गा नगर पश्चिम भिलाई; अनिल चौधरी (60 वर्ष), निवासी जोन-01 खुर्सीपार; और गोविंद सिंह नागवंशी (62 वर्ष), निवासी चौकड़िया पारा, वार्ड क्रमांक 35, जिला राजनांदगांव शामिल हैं। इन तीनों को पहले ही न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में फरार चल रहे मुख्य आरोपी कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप (58 वर्ष), निवासी सेक्टर-05, सड़क-09, भिलाई एवं मूल निवासी राम लखनपार, थाना बड़हलगंज, जिला गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) को दिनांक 07 फरवरी 2026 को समय 13:25 बजे गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। मामले में शामिल शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरे मामले में महिला थाना दुर्ग एवं ACCU दुर्ग की विवेचना टीम की भूमिका को पुलिस अधिकारियों ने सराहनीय बताया है। टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता, तत्परता और कानून के अनुरूप कार्यवाही करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
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