वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: जंगल में दबिश, डेढ़ लाख की अवैध लकड़ी जब्त
दो आरोपी गिरफ्तार
Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल में दबिश देकर भारी मात्रा में चिरान लकड़ी जब्त की है। इस दौरान दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो जंगल में अवैध रूप से लकड़ी की कटाई और चिराई कर रहे थे। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध तस्करी करने वालों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर पश्चिम वनमंडल भानुप्रतापपुर अंतर्गत परलकोट रेंज के कंदाडी जंगल में की गई। वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल के अंदर कुछ लोग अवैध रूप से लकड़ी काटकर उसकी चिराई कर रहे हैं और उसे बेचने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही टीम ने बिना देर किए योजना बनाकर जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की।
दबिश के दौरान मौके से अवैध रूप से काटी गई चिरान लकड़ी बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। लकड़ी को तत्काल जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे इस अवैध कारोबार में कब से शामिल थे और उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, जंगलों में इस तरह की अवैध कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है।
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से वन क्षेत्र घटता है, वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होता है और पारिस्थितिकी संतुलन पर भी असर पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की टीमें लगातार जंगल क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। स्थानीय स्तर पर भी लोगों से सहयोग की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि अगर किसी को अवैध लकड़ी कटाई या तस्करी की जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। फिलहाल जब्त लकड़ी को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। यह कार्रवाई वन विभाग की सतर्कता और सक्रियता को दर्शाती है, जिससे अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।