साक्षरता एम्बेसडर रवीना बरिहा की अपील, असाक्षर शिक्षार्थी उत्साह से दें परीक्षा

छग

Update: 2025-12-05 14:06 GMT
Raipur. रायपुर। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में साक्षरता को व्यापक बनाने के प्रयास एक नई ऊर्जा के साथ जारी हैं। इसी क्रम में साक्षरता एम्बेसडर सुश्री रवीना बरिहा ने प्रदेश के सभी असाक्षर शिक्षार्थियों से आगामी परीक्षा में सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा केवल एक शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन को बदलने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

राष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं रवीना बरिहा
सुश्री रवीना बरिहा राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सक्रिय भूमिका के लिए पहचानी जाती हैं। वे राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) की विशेषज्ञ सदस्य होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति की सचिव और साहस ट्रांसजेंडर हेल्थ सेंटर, रायपुर की प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। समाज के वंचित वर्गों, खासकर लैंगिक अल्पसंख्यकों और अशिक्षित समुदायों के लिए वह लंबे समय से कार्य कर रही हैं।

“साक्षरता अवसर है, औपचारिकता नहीं” — रवीना बरिहा
साक्षरता एम्बेसडर ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा से घबराने के बजाय इसे सीखने और आगे बढ़ने का सुनहरा मौका मानें। उन्होंने कहा “यह परीक्षा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मार्ग है। साक्षरता व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और भविष्य को मजबूत करती है।” उन्होंने कहा कि पढ़ना-लिखना सीखने से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में नई संभावनाएं खुलती हैं। चाहे वह रोजगार से जुड़ी जरूरत हो, सामाजिक पहचान का सवाल हो या स्वयं को सशक्त बनाने की दिशा।

शिक्षार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए दी प्रेरक अपील
रवीना बरिहा ने सभी अध्यनरत शिक्षार्थियों से आग्रह किया कि वे पूरी तैयारी, ऊर्जा और साहस के साथ परीक्षा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि साक्षरता सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा कि हर आयु वर्ग के शिक्षार्थी इस अभियान का हिस्सा बन रहे हैं और परीक्षा में भाग लेकर वे अपने जीवन में एक नई शुरुआत कर सकते हैं। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और जागरूकता पहुंचाना है। कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी और एम्बेसडर लगातार शिक्षार्थियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, ताकि परीक्षा में अधिकतम उपस्थिति और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके। परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थी न केवल बुनियादी साक्षरता प्राप्त करेंगे बल्कि सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, बैंकिंग और दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भी आसानी से समझ और कर सकेंगे।
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