छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण

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Update: 2025-12-20 17:15 GMT
Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर, महासमुंद का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में महिलाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया और केंद्र के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास टिक्वेन्द्र जाटवर ने सखी वन स्टॉप सेंटर में अब तक प्राप्त प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2017 से 20 दिसंबर 2025 तक कुल 1265 प्रकरणों पर कार्य किया गया है। वर्तमान में प्रतिमाह औसतन 15 से 20 प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं।

सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं को हर स्थान पर सुरक्षा का एहसास होना चाहिए। इसके लिए एक अनुकूल वातावरण और आवश्यक व्यवस्थाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सखी वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिलाओं को समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बताया कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मनोवैज्ञानिक परामर्श, चिकित्सकीय सुविधा और अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, महिलाओं की सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 181 भी संचालित है, जिससे वे किसी भी समय मदद प्राप्त कर सकती हैं।

निरीक्षण के दौरान लक्ष्मी वर्मा ने सखी शब्द का व्यापक अर्थ समझाते हुए कहा कि यह प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान गोपनीयता के साथ किया जाता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि गाँव-गाँव में सखी योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाना चाहिए। इससे वे महिलाएं, जो कोर्ट या थाना जाने से संकोच करती हैं, सखी केंद्र में आकर निर्भीक होकर मदद प्राप्त कर सकेंगी। लक्ष्मी वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लगन और समर्पण भाव से कार्य करने हेतु मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, और इसे और प्रभावी बनाने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय प्रयास जरूरी हैं।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय महिला एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने महिला आयोग की सदस्य को केंद्र में सुधार और व्यवस्थाओं की जानकारी दी और भविष्य में सेवा को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य महिलाओं को हर प्रकार की सुरक्षा, कानूनी सहायता और मानसिक सहारा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने यह भी कहा कि केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि महिला समुदाय केंद्र की सेवाओं का लाभ निर्भीक होकर उठा सके। इस निरीक्षण ने सखी वन स्टॉप सेंटर की भूमिका और महत्व को उजागर किया है, और यह संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार और आयोग लगातार सक्रिय हैं।
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