श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय श्रम मंत्री मंडाविया को सौंपा प्रस्ताव
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New Delhi. नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख एल मंडाविया से सौजन्य भेंट की और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं श्रमिक कल्याण के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की मांग की। मंत्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए अनुरोध पत्र में बताया कि राज्य बीमा अधिनियम की धारा 59(बी) के तहत निगम को चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी के लिए मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना करने का प्रावधान है। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से न केवल चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि बीमित श्रमिकों के बच्चों को आरक्षित सीटों पर नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
श्रमिकों के लिए बड़ा कदम
मंत्री देवांगन ने चर्चा के दौरान कहा कि नर्सिंग कॉलेज बनने से प्रदेश के श्रमिक वर्ग को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। एक ओर चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित नर्सों की संख्या बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने इस प्रस्ताव को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम बताया। उन्होंने केंद्रीय श्रम मंत्री को यह भी अवगत कराया कि प्रदेश में संचालित विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र का सहयोग आवश्यक है। इस संबंध में उन्होंने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और आगामी योजनाओं के खाके पर भी चर्चा की।
कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल पर जोर
मुलाकात के दौरान मंत्री देवांगन ने कोरबा स्थित ईएसआईसी अस्पताल की मौजूदा स्थिति और जरूरतों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि यहां कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन रिक्त पदों पर जल्द स्वीकृति दी जाए ताकि अस्पताल की कार्यक्षमता बढ़ सके। देवांगन ने याद दिलाया कि पिछली बार केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने अस्पताल की स्थिति पर क्रमवार जानकारी दी थी। उस समय अस्पताल में डॉक्टर और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की कमी की समस्या को विस्तार से रखा गया था। इसके उपरांत ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की भर्ती के आदेश जारी हुए थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है। उन्होंने आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि श्रमिकों और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
नर्सिंग कॉलेज से होंगे कई फायदे
मंत्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री को समझाया कि नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से न केवल बीमित श्रमिकों के परिवार लाभान्वित होंगे, बल्कि प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को भी मजबूती मिलेगी। यह कॉलेज उच्च गुणवत्ता वाली नर्सिंग शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश में प्रशिक्षित नर्सों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, नर्सिंग कॉलेज में आरक्षित सीटों के प्रावधान के तहत बीमित श्रमिकों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनकी रोजगार संभावनाएं बढ़ेंगी और वे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सशक्त करियर बना सकेंगे।
श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा
मुलाकात के दौरान मंत्री देवांगन ने राज्य में संचालित श्रमिक कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा की और केंद्र से इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन मांगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन केंद्र के सहयोग से इन योजनाओं का दायरा और व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में कई नई पहलें की जा सकती हैं। नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर बल
मंत्री देवांगन ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार समय की मांग है। विशेषकर श्रमिक वर्ग, जो अक्सर असंगठित क्षेत्रों में काम करता है, उनके लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में सभी आवश्यक सहयोग देने का अनुरोध किया। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने मंत्री देवांगन के प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया। नर्सिंग कॉलेज की स्थापना और कोरबा ईएसआईसी अस्पताल में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा। मुलाकात का यह दौर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में बड़े बदलाव की संभावनाओं को मजबूत करता है। अगर नर्सिंग कॉलेज का प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यह न केवल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देगा, बल्कि श्रमिकों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।