बाल दिवस पर कोतरारोड पुलिस की मानवीय पहल, विशेष बच्चों संग मनाया उत्सव
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Raigarh. रायगढ़। बाल दिवस के अवसर पर रायगढ़ पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने जिलेभर में पुलिस की जनसेवा की छवि को और मजबूत किया है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन में चल रही सामुदायिक पुलिसिंग की पहल को आगे बढ़ाते हुए कोतरारोड थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने अपने दल के साथ गुरुवार को जय बुढ़ी माई दिव्यांग आश्रम, बाबाधाम कोसमनारा पहुंचकर विशेष जरूरतों वाले बच्चों के साथ बाल दिवस मनाया। इस दौरान पुलिस टीम ने न केवल बच्चों के साथ समय बिताया, बल्कि उनकी जरूरतों और सुविधाओं का भी बारीकी से जायजा लिया। उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। आश्रम के सभी दिव्यांग बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण। ठंड के मौसम में बच्चों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई इस पहल ने सभी के चेहरे पर मुस्कान ला दी।
थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज ने बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत की, उनके दैनिक जीवन, शिक्षा और देखभाल से जुड़ी बातों को समझा। उन्होंने आश्रम के संचालकों से भी मुलाकात की और बच्चों की सुविधा, भोजन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने आश्रम प्रबंधन को आश्वस्त किया कि किसी भी समय बच्चों को जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता के लिए तत्पर रहेगी। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों के लिए यह एक विशेष अवसर था, जहां उन्हें पुलिस अधिकारियों के साथ खुलकर बात करने, खेलने और उत्सव मनाने का मौका मिला। आश्रम के संचालकों और स्थानीय निवासियों ने कोतरारोड पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल बच्चों के मनोबल को बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति भरोसा और अपनापन भी स्थापित करती हैं।
डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों तक सहानुभूति और सहायता पहुंचाना भी है। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती है और बच्चों के भीतर सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में निरीक्षक मोहन भारद्वाज के साथ प्रधान आरक्षक राजकुमार पैंकरा, आरक्षक संदीप कौशिक, राजेश खाण्डे तथा अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बच्चों के साथ केक काटा, छोटे-छोटे खेल कराए और उन्हें उपहार स्वरूप गर्म कपड़े भेंट किए। कोतरारोड पुलिस की इस मानवीय और संवेदनशील पहल ने बाल दिवस को न केवल विशेष बनाया बल्कि समाज के सामने यह संदेश भी दिया कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली शक्ति नहीं, बल्कि समुदाय की देखभाल करने वाली सार्थक संस्था भी है। इस कार्यक्रम ने जिलेभर में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि जब पुलिस सामाजिक जिम्मेदारी निभाती है, तो उसका प्रभाव समाज के सबसे संवेदनशील तबकों तक पहुंचता है।