Raigarh. रायगढ़। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खरसिया पुलिस ने स्कूल वाहनों की औचक जांच का अभियान चलाया। तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चौकी खरसिया पुलिस की टीम ने सड़क पर स्कूल वाहनों को रोककर ड्राइवरों और वाहनों की जांच की। इस दौरान वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच के साथ ब्रीथ एनालाइजर से शराब सेवन की भी जांच की गई।
तेज और खतरनाक ड्राइविंग की मिली थी शिकायत
रायगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में खरसिया क्षेत्र में स्कूल वाहनों की सुरक्षा जांच की गई। पुलिस के अनुसार, चौकी खरसिया को लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ स्कूल वाहन चालक तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल वाहनों में छोटे बच्चे सवार रहते हैं, ऐसे में चालकों की लापरवाही से गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। किसी भी संभावित हादसे को रोकने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने तत्काल जांच अभियान चलाया।
स्कूल वाहनों को रोककर की गई जांच
एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन और चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सड़क पर स्कूल वाहनों की औचक जांच की। पुलिसकर्मियों ने एक-एक कर स्कूल वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस समेत वाहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज देखे गए। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि स्कूल वाहन नियमों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं या नहीं।
ब्रीथ एनालाइजर से शराब की जांच
स्कूली बच्चों को लेकर वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के शराब के नशे में होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने ब्रीथ एनालाइजर से उनकी जांच की। पुलिस टीम ने चालकों को स्पष्ट हिदायत दी कि बच्चों को लेकर वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार का नशा नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ने चालकों को समझाइश देते हुए कहा कि स्कूल वाहन चलाते समय गति पर विशेष नियंत्रण रखना जरूरी है। तेज रफ्तार या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने से छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी
चौकी खरसिया पुलिस अधिकारियों ने स्कूल वाहन चालकों को बताया कि वाहन में सवार बच्चों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग, शराब के नशे में वाहन चलाना या यातायात नियमों की अनदेखी कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ बच्चों के जीवन को भी खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने चालकों को यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी। साथ ही स्कूल वाहनों की नियमित जांच आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक स्कूल वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि किसी वाहन चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किया जाता है या वाहन संचालन में गंभीर लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन, वाहन चालकों और अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से की अपील
रायगढ़ पुलिस ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और स्कूल वाहन चालकों से अपील की है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों की नियमित जांच करें। वाहन चालक वैध दस्तावेजों के साथ ही वाहन चलाएं और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। पुलिस ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को ले जाने वाले वाहन सुरक्षित स्थिति में हों और चालक यातायात नियमों का पालन कर रहे हों।
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