बिलासपुर से रायगढ़ जा रही टिटिलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में महिला से 9 लाख के जेवर चोरी
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Bilaspur. बिलासपुर। ट्रेनों में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला टिटिलागढ़ पैसेंजर ट्रेन का है, जिसमें सफर कर रही एक महिला का बैग खोलकर चोरों ने सोने-चांदी के कीमती आभूषण उड़ा लिए। पीड़िता ने चोरी गए जेवरों की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई है, हालांकि जीआरपी रायगढ़ ने मामले में लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये की चोरी दर्ज की है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ रेलवे में पीडब्ल्यूआई (PWI) पद पर पदस्थ सुंदरलाल साहू की पत्नी राजकुमारी साहू 23 सितंबर को बिलासपुर से रायगढ़ जाने के लिए टिटिलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में सवार हुई थीं। ट्रेन के छूटने से पहले उन्होंने अपना बैग सीट के नीचे रखा था। उसी दौरान उनके सामने बैठे एक युवक ने उन्हें बार-बार बैग को ऊपर रखने की सलाह दी। युवक की लगातार बातों पर ध्यान देते हुए महिला ने बैग को सीट के ऊपर रख दिया। इसके कुछ देर बाद जब ट्रेन गतौरा स्टेशन से आगे बढ़ी, तो दो युवक ट्रेन में चढ़े और सीधे उसी सीट के पास जाकर बैठ गए, जहां बैग रखा था। कुछ देर सफर करने के बाद वे दोनों युवक उतर गए। इसके बाद सामने बैठा युवक, जिसने बार-बार बैग ऊपर रखने की बात कही थी, वह भी अगले स्टेशन पर उतर गया।
चोरी का पता चलते ही हड़कंप
रायगढ़ पहुंचने पर जब राजकुमारी साहू ने बैग खोला, तो अंदर रखे सोने-चांदी के जेवर गायब थे। चोरी गए सामान में लगभग 7 तोला सोना और 21 तोला चांदी शामिल थी। इनमें हार, मंगलसूत्र, चेन, कान की बाली, झुमके और चांदी के पायल जैसे आभूषण मौजूद थे। पीड़िता ने बताया कि कुल चोरी की कीमत लगभग 9 लाख रुपये है। यह घटना सुनते ही उनके परिवार और रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
जीआरपी की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी रायगढ़ ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। हालांकि जांच में चोरी गए जेवरों की कीमत को जीआरपी ने मात्र 2.70 लाख रुपये आंका है। साथ ही मामले की जांच डायरी को बिलासपुर जीआरपी को भेज दिया गया है, क्योंकि घटना स्थल गतौरा स्टेशन के आसपास का माना जा रहा है। जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन यात्रियों के बयानों के आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में चोरों का गिरोह संगठित तरीके से सक्रिय है। पहले एक व्यक्ति महिला को बैग ऊपर रखने की सलाह देता है और फिर साथी चोर मौके का फायदा उठाकर सामान चोरी कर लेते हैं। यात्रियों का कहना है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए रेलवे और जीआरपी को न सिर्फ पेट्रोलिंग बढ़ानी चाहिए, बल्कि संदिग्ध यात्रियों की पहचान और पूछताछ भी करनी चाहिए।