Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर मुख्यालय जगदलपुर में शनिवार देर रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई, जिसने पूरे शहर को दहला दिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के तहसील कार्यालय के पास अज्ञात हमलावरों ने एक युवक की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान करण बघेल (24 से 30 वर्ष), निवासी रेलवे कॉलोनी के रूप में हुई है। घटना स्थल पर खून से सने पैरों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि युवक ने पूरी ताकत से अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों की गिरफ्त से नहीं बच सका।
विवाद से शुरू होकर खून-खराबे में बदली रात
पुलिस के अनुसार, शनिवार की रात करण बघेल घर से टहलने निकला था और मां दंतेश्वरी मंदिर के पास कुछ अज्ञात युवकों से उसकी बहस हो गई। कहा जा रहा है कि मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में हिंसा में बदल गया। हमलावरों ने पहले करण पर लात-घूंसों से हमला किया और फिर धारदार हथियार से वार कर दिए। करीबियों ने बताया कि करण ने घायल अवस्था में वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन खून बहने के कारण ज्यादा दूर नहीं जा सका। तहसील कार्यालय के आसपास खून से सने पैरों के निशान यह साबित करते हैं कि उसने आखिरी सांस तक अपनी जान बचाने का प्रयास किया।
हमलावरों ने शव को तहसील कार्यालय के पास छोड़ा, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
हमले के बाद आरोपी शव को तहसील कार्यालय के पास छोड़कर फरार हो गए। देर रात स्थानीय लोगों ने जब सड़क किनारे लाश पड़ी देखी, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत ने बताया कि “फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए गए हैं। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”
राजनीतिक घमासान भी शुरू
घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस हत्याकांड को लेकर राज्य सरकार और गृह विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता जावेद खान ने कहा- “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के चंद किलोमीटर दूर यह वारदात होना दर्शाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा दोनों प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था संभालने में नाकाम हैं।” वहीं, भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए जगदलपुर के मेयर और भाजपा प्रवक्ता संजय पांडेय ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- “भाजपा सरकार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह तत्पर है। कुछ असामाजिक तत्वों को कानून के शिकंजे में आने में अब ज्यादा देर नहीं लगेगी। कांग्रेस के शासन में अपराध चरम पर था, जबकि भाजपा सरकार ने अपराध के ग्राफ को नीचे लाया है।”
स्थानीयों में दहशत, पुलिस की नाकेबंदी
हत्या की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग रातभर घटनास्थल के पास जुटे रहे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। साथ ही, आसपास के होटलों और दुकानों के CCTV फुटेज से सुराग मिलने की उम्मीद है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस वारदात ने एक बार फिर प्रदेश में बढ़ते अपराध और पुलिस गश्त की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह हत्या उस समय हुई जब प्रदेश में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मौजूद थे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, शहर के मध्य में ऐसी जघन्य हत्या होना सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल हथियार, वार की गहराई और हमलावरों की मंशा को स्पष्ट किया जा सके। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हमलावर तीन से चार की संख्या में थे और सभी स्थानीय हो सकते हैं।