लग्जरी कार से घूमकर चैन चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा, 8 आरोपी गिरफ्तार
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में चैन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। क्राइम और साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में 7 महिला और 1 पुरुष सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह लग्जरी वाहन में देशभर में घूम-घूमकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में सोने की चैन चोरी करता था। मामला तब सामने आया जब डी.डी. नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा बाजार में 66 वर्षीय निर्मला वर्मा की सोने की चैन चोरी हो गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास मंडराते हुए नजर आईं। फुटेज में उन्हें चैन चोरी करते हुए भी देखा गया।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद भाठागांव बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर एक इनोवा वाहन को पकड़ा गया, जिसमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष सवार थे। पूछताछ में आरोपियों ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे आपस में रिश्तेदार हैं और संगठित तरीके से अलग-अलग राज्यों में चैन स्नेचिंग की घटनाएं करते थे। रायपुर शहर के सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डी.डी. नगर थाना क्षेत्रों में इन्होंने करीब एक दर्जन घटनाओं को अंजाम दिया है। इसके अलावा गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी इस गिरोह की सक्रियता सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपए नगद, एक सोने की चैन, एक कटर, 4 मोबाइल फोन और एक इनोवा कार (एमपी/09/बीपी/1064) जब्त की है। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 11.30 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की गई चैनों को बेचकर ही इस वाहन को खरीदा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह खासतौर पर भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाता था। महिलाओं की टोली पीड़ित के आसपास घेरा बनाकर खड़ी हो जाती थी और मौका मिलते ही चैन काटकर फरार हो जाती थी। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और राज्यों में दर्ज अपराधों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय तो नहीं हैं।