Bilaspur. बिलासपुर। जिले में अपराधियों और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने व्यापक स्तर पर कॉम्बिंग गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिलेभर में एक साथ चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने वारंटियों, निगरानी गुंडा-बदमाशों, फरार आरोपियों और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल लोगों की जांच की। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप की स्थिति रही। अभियान के दौरान पुलिस ने अलग-अलग आपराधिक मामलों में लंबित कुल 126 वारंटों की तामील की। इनमें 28 स्थाई वारंट और 98 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं। पुलिस टीमों ने वारंटियों की तलाश के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी और लंबे समय से न्यायालयीन प्रक्रिया से बच रहे आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य लंबित वारंटों की तामील के साथ अपराधियों पर कानून का प्रभाव मजबूत करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना था।
पुलिस टीमों ने लंबे समय से फरार चल रहे पांच आरोपियों के संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने उनके घरों, संभावित ठिकानों और उनसे जुड़े स्थानों की जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने निगरानी सूची में शामिल लोगों की भी जांच की। जिले में कुल 43 निगरानी गुंडा-बदमाशों की चेकिंग की गई। पुलिस ने उनकी वर्तमान गतिविधियों, आपराधिक पृष्ठभूमि और क्षेत्र में उनकी मौजूदगी से संबंधित जानकारी जुटाई। इनमें से 13 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने निगरानी सूची में शामिल व्यक्तियों को कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत भी दी।
अभियान के दौरान चाकूबाजी और संपत्ति संबंधी अपराधों से जुड़े लोगों पर भी विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीमों ने ऐसे संदिग्ध और अपराधों में शामिल रहे लोगों की चेकिंग की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान पांच लोगों की चेकिंग की गई और 25 के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने वाले लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई। पुलिस के इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य अपराधियों के खिलाफ प्रभावी निगरानी व्यवस्था कायम करना रहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित अपराधियों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की नियमित चेकिंग से अपराध पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया।
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने वारंटियों और निगरानी बदमाशों के अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी। पुलिस टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों और अपराध की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर सघन जांच की। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति का भी जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ चलाया गया यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि लंबित वारंटों की तामील, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, निगरानी बदमाशों की चेकिंग और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों पर दबाव बढ़ा है जो लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं या न्यायालयीन प्रक्रिया से बचते रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए नियमित रूप से इस तरह की कॉम्बिंग गश्त और सघन चेकिंग की जाएगी। बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस के मुताबिक, जनता के सहयोग और प्रभावी पुलिसिंग के जरिए जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।