खुरपका-मुंहपका रोकथाम हेतु जिले में सघन टीकाकरण अभियान जारी

छग

Update: 2026-04-06 12:48 GMT
Mahasamund. महासमुंद। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत खुरपका-मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए जिले में 30 अप्रैल तक सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में गाय, भैंस सहित सभी खुर वाले पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। भारत सरकार ने वर्ष 2019 से नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत इस अभियान को लागू किया है, जिसका उद्देश्य खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी पर नियंत्रण पाना और इसे समाप्त करना है। उप संचालक
पशु चिकित्सा
सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि अब तक टीकाकरण के 6 चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं और 7वां चरण जारी है। इस अभियान में विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी घर-घर जाकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं।

जिले में कुल 1,91,341 गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशु हैं, जिनमें से लगभग 75,000 पशुओं का टीकाकरण अब तक किया जा चुका है। शेष पशुओं का टीकाकरण अभियान लगातार जारी है। डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग है, जो संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित उपकरण, चारे और पानी से तेजी से फैलता है। इस रोग से प्रभावित पशुओं के खुर और मुंह में छाले होते हैं, जो फटने पर घाव में बदल जाते हैं। इसके कारण पशु लंगड़ाने लगता है, दुग्ध उत्पादन घटता है और गर्भवती पशुओं में गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। मुंह में घाव होने से पशु भोजन नहीं कर पाता, जिससे उसका वजन घटता है और उसकी सामान्य सेहत पर असर पड़ता है। पशुपालकों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से पशुओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।

उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग दें और अपने पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित कराएं। अभियान के तहत टीकाकरण न केवल पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि जिले में खुरपका-मुंहपका रोग के प्रसार को रोकने में भी मदद करेगा। विभाग लगातार सभी गांवों और पंड़ालों में जाकर पशुपालकों से संपर्क कर रहा है और उन्हें टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक कर रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन से जिले में खुरपका-मुंहपका रोग की घटनाएं घटेंगी और पशुपालकों की आर्थिक हानि कम होगी। जिला प्रशासन ने भी अभियान को प्राथमिकता दी है और सुनिश्चित किया है कि सभी पशुपालकों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचे। पशुपालकों से आग्रह है कि वे टीकाकरण में भाग लेकर अपने पशुओं को स्वस्थ और सुरक्षित रखें। इस अभियान का असर न केवल वर्तमान समय में होगा बल्कि भविष्य में भी जिले में खुरपका-मुंहपका रोग के मामलों में कमी लाएगा।
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