प्रेरणादायक कदम: सुशील देशमुख का देहदान, एम्स रायपुर को चिकित्सा अध्ययन के लिए समर्पित
छग
Bhilai. भिलाई। मानवता और सेवा भावना का एक प्रेरणादायक उदाहरण भिलाई में देखने को मिला, जहां भेलवा तालाब, कोहका निवासी स्वर्गीय सुशील देशमुख का मरणोपरांत देहदान किया गया। उनका पार्थिव शरीर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Raipur) को चिकित्सा अध्ययन के लिए समर्पित किया गया, जिससे भविष्य के डॉक्टरों के प्रशिक्षण में सहायता मिलेगी। परिजनों के अनुसार, सुशील देशमुख ने अपने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री देशमुख के साथ यह निर्णय लिया था और पिछले वर्ष ‘प्रनाम’ संस्था के अध्यक्ष पवन केसवानी के माध्यम से विधिवत वसीयत भी तैयार करवाई थी।
उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों ने ‘प्रनाम’ संस्था को जानकारी दी, जिसके बाद संस्था के सहयोग से पूरे सम्मान और गरिमा के साथ देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और इस निर्णय को समाज के लिए एक मिसाल बताया। इस पुनीत कार्य में राकेश देशमुख, विनय देशमुख, कमलाबाई, सावित्री देशमुख सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। साथ ही मनीष देशमुख, राम सोनी, राजू अमृत, करणवीर और अन्य लोगों ने भी सहभागिता निभाई। ‘प्रनाम’ संस्था के स्वयंसेवकों ने पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
‘प्रनाम’ संस्था पिछले कई वर्षों से देहदान और अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है। संस्था के अनुसार अब तक 2169 लोगों ने देहदान की वसीयतें दर्ज कराई हैं, जिनमें से 230 लोगों के निधन के बाद उनकी देह मेडिकल कॉलेजों को अध्ययन हेतु समर्पित की जा चुकी है। संस्था का कहना है कि देहदान जैसे कार्य चिकित्सा शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और समाज में जागरूकता भी बढ़ाते हैं। संस्था ने लोगों से अपील की है कि वे भी इस दिशा में आगे आएं और मानवता की सेवा में योगदान दें। देहदान और अंगदान से संबंधित जानकारी या पंजीकरण के लिए इच्छुक लोग प्रनाम संस्था के हेल्पलाइन नंबर 9479273500 पर संपर्क कर सकते हैं। यह पहल समाज में सेवा, त्याग और मानवता का एक मजबूत संदेश देती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।