IG सरगुजा ने दिखाई सख्ती: ASI निलंबित, TI लाइन अटैच, विभागीय जांच शुरू

छग

Update: 2025-12-07 14:08 GMT
Balrampur. बलरामपुर। जिले में सामने आए एक अत्यंत संवेदनशील और दर्दनाक मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शादीशुदा महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या की घटना में पुलिस द्वारा तीन महीने तक FIR दर्ज न करने की लापरवाही सामने आने के बाद, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दीपक कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने सनावल थाना क्षेत्र के एएसआई रोशन लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि थाना प्रभारी (TI) गजपति मिर्रे को लाइन अटैच किया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
यह पूरा मामला झारखंड निवासी तीन युवकों से जुड़ा है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद मानसिक रूप से टूट चुकी महिला ने उसी रात फांसी लगाकर जान दे दी थी। इतने गंभीर अपराध के बावजूद, स्थानीय पुलिस ने इसे “सिर्फ आत्महत्या” का मामला मानते हुए शिकायत को दर्ज करने में टालमटोल किया और परिजनों को तीन महीनों तक थाने के चक्कर लगवाए। परिजनों के अनुसार, उन्होंने बार-बार पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी, दुष्कर्म के आरोपियों के नाम बताए, लेकिन स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से लेने से बचती रही। परिजन लगातार यह आरोप लगाते रहे कि पुलिस ने पूरे मामले को दबाने की कोशिश की और FIR दर्ज करने के बजाय उन्हें सिर्फ आश्वासनों पर टालती रही। आखिरकार न्याय की तलाश में परिजन सरगुजा IG दीपक कुमार झा के पास पहुंचे और पूरी घटना से अवगत कराया।
IG ने शिकायत की गंभीरता को समझते हुए तुरंत मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि एएसआई रोशन लकड़ा और थाना प्रभारी गजपति मिर्रे ने जानबूझकर FIR दर्ज करने में देरी की और मामले को गंभीर अपराध की बजाय केवल आत्महत्या के रूप में दर्शाने का प्रयास किया। यह आचरण न केवल पुलिस की संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि एक पीड़िता की मौत और परिजनों की न्याय की लड़ाई के प्रति गंभीर उदासीनता का भी प्रतीक है। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि यदि घटना के समय पुलिस ने समय पर FIR दर्ज की होती और उचित कार्रवाई की होती, तो मामले की जांच की दिशा पूरी तरह अलग हो सकती थी। इस घोर लापरवाही की पुष्टि होते ही IG दीपक कुमार झा ने सख्त कदम उठाते हुए एएसआई रोशन लकड़ा को तत्काल निलंबित किया और TI गजपति मिर्रे को लाइन अटैच कर दिया। साथ ही दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया, जिससे यह तय हो सके कि देरी के कारणों के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था और किस हद तक लापरवाही बरती गई।
IG दीपक कुमार झा ने मामले पर स्पष्ट रूप से कहा कि सामूहिक दुष्कर्म, आत्महत्या और महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की पुलिस लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही बरते जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल पुलिस विभाग की जवाबदेही को सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि उन पीड़ित परिवारों के लिए भी एक संदेश है जो न्याय की उम्मीद में पुलिस तंत्र का दरवाज़ा खटखटाते रहते हैं। सरगुजा IG की इस पहल को लोग एक सकारात्मक और जरूरी कदम के रूप में देख रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसी लापरवाहियों पर अंकुश लग सकेगा।
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