हाउसिंग लोन धोखाधड़ी का मामला दर्ज, फर्जी दस्तावेज से 8 लाख से अधिक की ठगी

छग

Update: 2026-04-14 17:06 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हाउसिंग लोन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गुरु प्रसाद देवांगन की अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ है। जानकारी के अनुसार, परिवादी कंपनी आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने आरोप लगाया है कि आरोपी मोहम्मद जुबेर कुरैशी और मोहम्मद जावेद ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर कंपनी से 8,01,054 रुपये का हाउसिंग लोन प्राप्त किया। आरोप है कि दोनों ने ग्राम सिमगा, जिला बलौदाबाजार स्थित एक मकान/दुकान को बंधक संपत्ति बताकर लोन लिया, जबकि यह संपत्ति पहले ही 16 सितंबर 2021 को किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बंधक अनुबंध दिखाया और लोन राशि हासिल की। बाद में उन्होंने लोन की किश्तों का भुगतान भी नियमित रूप से नहीं किया। कंपनी की ओर से संपर्क करने पर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे और बाद में उनके मोबाइल नंबर भी बंद आने लगे। इस मामले में पहले सिविल लाइन थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर मामला न्यायालय तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य पाए। इसके बाद अदालत ने धारा 420 और 120(बी) के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120(बी) और 34 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दस्तावेजों की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित शामिल लोगों की भी जांच की जा रही है। इसी बीच माना थाना क्षेत्र के ग्राम नक्टी में जमीन हड़पने के एक अन्य मामले का भी खुलासा हुआ है। इस मामले में तीन लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि हड़पने की कोशिश का आरोप लगा है। राजनांदगांव निवासी अनन्या देवांगन ने शिकायत में बताया कि उनकी जमीन ग्राम नक्टी में स्थित है, जिसे शांति देवांगन, गंगाराम देवांगन और तुषार देवांगन ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें नाबालिग दर्शाते हुए विक्रय पत्र बनाकर अपने नाम कराने की कोशिश की। शिकायत के बाद माना थाना पुलिस ने इस मामले में भी धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा है कि सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Tags:    

Similar News