हाईप्रोफाइल ड्रग्स केस: नव्या मलिक और इवेंट मैनेजर विधि अग्रवाल की रिमांड बढ़ी
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उजागर हुआ हाईप्रोफाइल ड्रग्स पैडलिंग मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। हर दिन नए चेहरे सामने आ रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई से तस्करों का नेटवर्क धीरे-धीरे उजागर हो रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, रायपुर की एनडीपीएस कोर्ट ने शातिर तस्कर नव्या मलिक और इवेंट मैनेजर विधि अग्रवाल की पुलिस रिमांड को बढ़ाते हुए उन्हें 6 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
कोर्ट का फैसला और आरोपियों की स्थिति
मामले में पुलिस ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी नव्या मलिक और विधि अग्रवाल के पास से ऐसे कई अहम सूत्र मिले हैं, जिनकी जांच बाकी है। इन्हीं लिंकेज की पुष्टि और नए चेहरों की पहचान के लिए रिमांड जरूरी है। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को मानते हुए दोनों को 6 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। वहीं, मामले में शामिल मुख्य तस्कर अयान खान, सोहैल खान और जुनैद अख्तर को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट अमीन ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस बार-बार रिमांड बढ़ाकर आरोपियों को प्रताड़ित कर रही है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ज्यादा वजनदार मानते हुए नव्या और विधि को हिरासत में ही रखने का आदेश दिया।
ऑपरेशन "निश्चय के तहत बड़ी कार्रवाई
यह पूरा मामला गंज थाने में दर्ज एमडीएमए ड्रग्स प्रकरण से जुड़ा है। ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस ने अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ताजा कार्रवाई में इवेंट मैनेजर विधि अग्रवाल और ऋषिराज टंडन सहित 4 नए आरोपियों को पकड़ा गया। ये सभी आरोपी शहर की हाईप्रोफाइल पार्टियों और इवेंट्स में सक्रिय थे। विधि अग्रवाल और ऋषिराज टंडन जैसे इवेंट मैनेजर न केवल पार्टियों का आयोजन करते थे, बल्कि वहां पर नशे की सप्लाई चेन को भी नियंत्रित करते थे।
जब्त सामान और शुरुआती गिरफ्तारी
इस मामले का खुलासा 23 अगस्त 2025 को हुआ, जब एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास एक कार को रोका।
कार में तीन आरोपी सवार थे –
हर्ष आहूजा (23 वर्ष) निवासी रायपुर
मोनू विश्नोई (29 वर्ष) निवासी हिसार, हरियाणा
दीप धनोरिया (41 वर्ष) निवासी रायपुर
इनके पास से पुलिस ने 27.58 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, एक सोनेट कार (सीजी 04 क्यूजे 5466), 85,300 रुपये नगद और 5 मोबाइल फोन बरामद किए। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई। इसी आधार पर गंज थाने में धारा 21(सी) और 29 नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
नेटवर्क का धीरे-धीरे खुलासा
पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दबाव बनाते हुए आगे की कार्रवाई की और नव्या मलिक तथा अयान परवेज को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस को बड़े नेटवर्क का पता चला। ताजा गिरफ्तारियों में विधि अग्रवाल और ऋषिराज टंडन जैसे नाम सामने आए, जिनका सीधा संबंध हाईप्रोफाइल इवेंट्स और पार्टियों से था। पुलिस के अनुसार, ये लोग पार्टियों में युवाओं और छात्रों को निशाना बनाकर उन्हें नशे की लत में धकेलते थे।
बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच
पुलिस अब बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है।
बैकवर्ड लिंकेज: ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही थी?
फॉरवर्ड लिंकेज: ड्रग्स किन-किन ग्राहकों और नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी?
इन्हीं पहलुओं पर पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि रायपुर और आसपास के जिलों में ही नहीं, बल्कि बाहर से भी इस नेटवर्क के तार जुड़े हो सकते हैं।
हाईप्रोफाइल केस बनने की वजह
यह मामला इसलिए हाईप्रोफाइल बन गया है क्योंकि इसमें केवल स्थानीय अपराधी ही नहीं, बल्कि इवेंट मैनेजर्स, संपन्न परिवारों के युवक और सोशल सर्कल से जुड़े लोग भी शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा, जब्त की गई एमडीएमए (ड्रग्स) की मात्रा और उसकी कीमत ने पुलिस को भी चौंका दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, एमडीएमए एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसे आमतौर पर क्लब्स और पार्टियों में इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस की सख्त निगरानी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक जुटाए गए सबूतों से यह साफ है कि यह कोई सामान्य गिरोह नहीं बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क है। पुलिस ने हाईप्रोफाइल पार्टियों और पब्स पर भी निगरानी तेज कर दी है। रायपुर, भिलाई और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में छापेमारी की तैयारी चल रही है। नव्या मलिक और विधि अग्रवाल से हो रही पूछताछ से कई नए नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान बड़ी मछलियां जाल में फंस सकती हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस नेटवर्क में शामिल कुछ और प्रभावशाली नाम भी जल्द सामने आ सकते हैं। पुलिस पहले ही इशारा कर चुकी है कि इस मामले की जांच का दायरा अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है।