Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में मानसून के दौरान इस वर्ष अच्छी बारिश दर्ज की गई है। जिले में 1 जून 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक कुल 1285.0 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले की छह तहसीलों में बारिश का आंकड़ा अलग-अलग रहा है। सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में दर्ज की गई है, जबकि कोमाखान तहसील में सबसे कम बारिश हुई है। वहीं, 29 अक्टूबर को भी जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और इस दिन 41.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
पिथौरा तहसील में सबसे ज्यादा 1498 मिमी बारिश
भू-अभिलेख विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, महासमुंद जिले में इस मानसून सीजन में पिथौरा तहसील सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र रहा है। यहां 1 जून से अब तक 1498.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं, सरायपाली तहसील में 1404.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बसना तहसील में 1263.3 मिलीमीटर और बागबाहरा तहसील में 1200.2 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इसके अलावा महासमुंद तहसील में 1192.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिले की कोमाखान तहसील में सबसे कम 1151.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में बारिश का वितरण सभी तहसीलों में समान नहीं रहा है। पिथौरा और कोमाखान तहसीलों के बीच कुल दर्ज वर्षा में 346.4 मिलीमीटर का अंतर सामने आया है।
29 अक्टूबर को भी जमकर बरसे बादल
महासमुंद जिले में गुरुवार, 29 अक्टूबर को भी कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, जिले में इस दिन 41.7 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार को पिथौरा तहसील में सबसे अधिक 67.0 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद बसना तहसील में 51.8 मिलीमीटर और बागबाहरा तहसील में 44.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सरायपाली तहसील में 43.6 मिलीमीटर, कोमाखान तहसील में 22.0 मिलीमीटर और महासमुंद तहसील में 21.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस तरह गुरुवार को भी पिथौरा तहसील बारिश के मामले में जिले में सबसे आगे रही, जबकि महासमुंद तहसील में सबसे कम वर्षा दर्ज हुई।
तहसीलवार बारिश का पूरा आंकड़ा
तहसील 1 जून से कुल वर्षा
पिथौरा 1498.0 मिमी
सरायपाली 1404.0 मिमी
बसना 1263.3 मिमी
बागबाहरा 1200.2 मिमी
महासमुंद 1192.9 मिमी
कोमाखान 1151.6 मिमी
जिला औसत 1285.0 मिमी
किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं बारिश के आंकड़े
महासमुंद जिला कृषि प्रधान क्षेत्रों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में किसान धान सहित विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। ऐसे में मानसून के दौरान होने वाली वर्षा कृषि गतिविधियों और जल उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश का फसलों पर प्रभाव उनकी कटाई की स्थिति और खेतों में पानी के जमाव पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से जिन क्षेत्रों में धान की फसल पकने की अवस्था में है, वहां मौसम की स्थिति किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 29 अक्टूबर तक औसत वर्षा 1285.0 मिलीमीटर पहुंच गई है। पिथौरा और सरायपाली में अन्य तहसीलों की तुलना में अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं, कोमाखान में सबसे कम बारिश का रिकॉर्ड रहा है।