हल्का पटवारी ने जमीन बेचने का झांसा देकर 14 लाख रुपए ठगे, आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2025-10-21 17:30 GMT
Surguja. सरगुजा। जिले में हल्का पटवारी ने जमीन बेचने का झांसा देकर दो शिक्षकों और उनके साथी से 14 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। मामले में धौरपुर पुलिस ने आरोपी हल्का पटवारी जीवन प्रकाश एक्का को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, करौली निवासी मुनेश्वर पैकरा ने 19 अक्टूबर 2025 को धौरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथी शिक्षक अनुक दास को हल्का पटवारी ग्राम करौली जीवन प्रकाश एक्का ने करौली निवासी हिरमनिया की 0.124 हेक्टेयर जमीन को 16 लाख रुपए में बेचने का झांसा दिया। इसके बाद शिक्षक अनुक दास ने इसकी जानकारी मुनेश्वर पैकरा और एक अन्य शिक्षक सूर्यदेव तिग्गा को दी।

तीनों ने मिलकर 26 दिसंबर 2024 को पटवारी जीवन प्रकाश एक्का को 9 लाख रुपए भुगतान किए। हल्का पटवारी ने भूमि विक्रेता हिरमनिया और अपना नाम लिखकर 50 रुपए के स्टांप पर जमीन बिक्री का एग्रीमेंट तैयार किया और रुपए लेने की पावती दी। कुछ दिनों बाद हल्का पटवारी ने दावा किया कि भूमि विक्रेता महिला की तबीयत खराब है और उसे रुपए की जरूरत है। इसके चलते तीनों ने 4 जनवरी 2025 को अतिरिक्त 5,12,950 रुपए दिए। इस दौरान पटवारी ने स्टांप पेपर के खाली स्थान में भी हस्ताक्षर करा लिए। हालांकि, जब खरीदारों ने जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश की, तो हल्का पटवारी बहाने बनाकर टाल-मटोल करता रहा। इसके बाद उन्होंने हिरमनिया से संपर्क किया। महिला ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी जमीन बेचने का कोई सौदा नहीं किया और न ही पटवारी जीवन प्रकाश एक्का से किसी प्रकार का लेन-देन किया है।

तीनों शिक्षकों ने हल्का पटवारी से रकम वापस करने या जमीन की रजिस्ट्री कराने की मांग की, लेकिन उसने केवल एक कागज में पैसा वापस करने का वादा किया। इसके बावजूद पैसा वापस नहीं किया गया। धौरपुर थाना प्रभारी अवश्वनी दीवान ने बताया कि इस मामले में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान स्टांप पेपर में की गई लिखा-पढ़ी को जब्त कर लिया। आरोपी हल्का पटवारी जीवन प्रकाश एक्का (38) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस मामले ने सरगुजा जिले में प्रशासन और लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण और शिक्षक समुदाय में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों और पटवारियों के कारण आम नागरिकों की जमीन और धन सुरक्षित नहीं हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कानूनी कार्रवाई और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पटवारियों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। धौरपुर पुलिस ने मामले में ठोस कदम उठाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया पूरी की है। पुलिस ने ग्रामीणों और प्रभावितों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं में तुरंत पुलिस को सूचना दें और बिना किसी दबाव के कानूनी कार्रवाई में सहयोग करें। सरगुजा में हुई इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी पदों पर तैनात कुछ अधिकारी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं। मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी से जिले में लोगों में थोड़ी राहत महसूस हो रही है, लेकिन इस तरह के मामलों से चेतावनी मिलती है कि जमीन और संपत्ति से जुड़े सौदों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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