Kawardha. कवर्धा। डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। कबीरधाम में ऑनलाइन पेमेंट से जुड़ी ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी दुकानों पर लगे QR कोड को स्कैन करने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर फर्जी ‘Payment Successful’ स्टेटस दिखाता था। दुकानदार को भरोसा हो जाता कि रकम खाते में आ गई है और वह आरोपी को नकद राशि दे देता था। बाद में बैंक खाते की जांच करने पर रकम नहीं मिलने से ठगी का पता चलता था।
पुलिस ने इस मामले में बेमेतरा जिले के दाढ़ी निवासी 19 वर्षीय जेम्स हालदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक जांच में आरोपी का संबंध जिले में सामने आए चार मामलों से मिला है। आरोपी के कब्जे से एक एंड्रायड मोबाइल, एक आईफोन, 5 हजार रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। मामले का खुलासा ग्राम परसवारा निवासी सूरज पटेल की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने 7 सितंबर को पिपरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक मोटरसाइकिल से एक युवक उनके पास पहुंचा और QR कोड स्कैन कर 5 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने का दावा किया।
स्क्रीन पर दिखाया पेमेंट सफल लेकिन खाते में नहीं आए पैसे
आरोप है कि युवक ने मोबाइल स्क्रीन पर भुगतान सफल होने का स्टेटस दिखाया और इसके बदले 5 हजार रुपये नकद ले लिए। उस समय मोबाइल स्क्रीन देखकर शिकायतकर्ता को लगा कि भुगतान हो चुका है। बाद में बैंक खाते की जांच करने पर रकम जमा नहीं होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो संदिग्ध की पहचान जेम्स हालदार के रूप में हुई। उससे पूछताछ और मामले से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को इसी तरीके से की गई अन्य घटनाओं का भी पता चला। पुलिस के अनुसार पिपरिया क्षेत्र में 5 हजार रुपये, दशरंगपुर चौकी क्षेत्र में 8 हजार रुपये और सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र में 20 हजार तथा 7 हजार रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। इस तरह अब तक चार मामलों से आरोपी का कथित जुड़ाव सामने आया है।
इंस्टाग्राम वीडियो देखकर आया आइडिया
पूछताछ में आरोपी ने खुद को स्कूली छात्र बताया है। पुलिस के मुताबिक उसने इंटरनेट और इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर फर्जी पेमेंट दिखाने का तरीका सीखा था। इसके बाद उसने पहले अपने स्तर पर इसे आजमाया। जब उसे लगा कि मोबाइल स्क्रीन पर फर्जी पेमेंट स्टेटस दिखाकर सामने वाले को भुगतान का भरोसा दिलाया जा सकता है, तो उसने इसका इस्तेमाल ठगी के लिए करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी अलग-अलग दुकानों और लोगों के पास पहुंचता था। वह QR कोड स्कैन करने की प्रक्रिया करता और फिर मोबाइल पर ऐसा स्टेटस दिखाता, जिससे सामने वाले को लगता कि भुगतान सफल हो गया है। इसके बाद वह सामान या भुगतान के बदले नकद राशि लेकर वहां से चला जाता था।
सिर्फ स्क्रीन देखकर न करें भुगतान पर भरोसा
यह मामला डिजिटल भुगतान करने वाले दुकानदारों के लिए भी सतर्कता का संकेत है। QR कोड से भुगतान के बाद केवल ग्राहक के मोबाइल पर दिखाई देने वाले स्क्रीनशॉट या ‘Payment Successful’ संदेश पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। दुकानदारों को भुगतान की पुष्टि अपने बैंक खाते, अधिकृत बैंकिंग एप या भुगतान प्राप्त होने की विश्वसनीय सूचना से करनी चाहिए। रकम खाते में आने की पुष्टि के बाद ही सामान या नकद राशि देना सुरक्षित है। फिलहाल पुलिस आरोपी से जुड़े चार मामलों की जांच कर रही है। उसके मोबाइल और अन्य जब्त सामग्री के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसी तरीके से अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया है या नहीं।
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