राज्यपाल रमेन डेका का बयान, नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अभूतपूर्व सफलता

छग

Update: 2025-10-16 13:47 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका ने आज 170 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर ट्वीट करते हुए इसे “नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अभूतपूर्व उपलब्धि” बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त रणनीति तथा सुरक्षा बलों के सतत परिश्रम का परिणाम है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में लिखा

“छत्तीसगढ़ में 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो नक्सलवाद समाप्ति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह सुरक्षाबलों के अथक प्रयासों और जनता के सहयोग से संभव हुआ है। हिंसा का मार्ग छोड़कर संविधान पर विश्वास जताते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय सराहनीय है।”
राज्यपाल ने जताया विश्वास — जल्द होगा नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़
रमेन डेका ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण गौरवपूर्ण है, क्योंकि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से परिवर्तन दिख रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सपना है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त राज्य के रूप में स्थापित हो। राज्यपाल ने यह भी कहा कि नक्सलवाद के कारण प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में अब विकास की गति बढ़ रही है और लोग शिक्षा, रोजगार और शांति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। “आज समाज के लिए यह आवश्यक है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलियों से पूरी तरह मुक्त कराया जाए। बहुत जल्द यह सपना पूरा होगा, क्योंकि अब जनता और प्रशासन दोनों मिलकर हिंसा के विरुद्ध खड़े हैं,” — राज्यपाल रमेन डेका।
सुरक्षाबलों के सतत प्रयासों की सराहना
राज्यपाल ने सुरक्षा बलों की भूमिका को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार अभियान चलाया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण न केवल एक संख्या है, बल्कि यह संदेश है कि अब जंगलों में हथियार नहीं, बल्कि विकास और संवाद की भाषा बोलेगी।
मुख्यधारा से जुड़ने की पहल को मिला प्रोत्साहन
राज्यपाल डेका ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां अब उन्हें शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान की ओर लौटने का अवसर दे रही हैं। राज्यपाल के इस ट्वीट के बाद राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे एक बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ में अब शांति और विकास का दौर मजबूत होता जा रहा है।
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