शिवतराई गांव पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, बैगा-बिरहोर जनजाति से की आत्मीय चर्चा
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई गांव का दौरा किया और यहां बैगा एवं बिरहोर जनजाति के लोगों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी जीवनशैली, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल के इस दौरे से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। राज्यपाल रमेन डेका ने गांव में मौजूद जनजातीय परिवारों से संवाद करते हुए उनकी दैनिक जीवन शैली, पारंपरिक संस्कृति और सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराएं देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित रखना बेहद आवश्यक है। राज्यपाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और प्रशासन जनजातीय समुदाय के विकास और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दौरान गांव के लोगों ने भी राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया और अपनी परंपराओं तथा जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए।
राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। इस अवसर पर दो प्रतिभाशाली युवतियों रागिनी ध्रुवे और तान्या मरावी ने अपनी कला का अनूठा प्रदर्शन करते हुए गोदना आर्ट से बनाई गई एक विशेष तस्वीर राज्यपाल रमेन डेका को भेंट की। पारंपरिक गोदना कला से तैयार इस कलाकृति को देखकर राज्यपाल काफी प्रभावित हुए और उन्होंने दोनों युवतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय कला और शिल्प में अपार संभावनाएं हैं। यदि इन प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिले तो यह कला न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकती है। उन्होंने कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना चाहिए। शिवतराई गांव के इस दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। राज्यपाल के इस कार्यक्रम ने जनजातीय समाज के बीच सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करने का संदेश दिया।