पुरानी रंजिश में दोस्तों ने ही की दोस्त की हत्या, शव को पत्थर से बांधकर नदी में फेंका
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Mungeli. मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें चार युवकों ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में लोरमी पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे का कारण पुरानी रंजिश बताया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी बेहद कम उम्र के हैं। 18 से 21 वर्ष के बीच। इनकी पहचान अजीत उर्फ अज्जू ठाकुर, गौतम उर्फ चिंटू महरा, विवेक तिवारी और पवन कुंभकार के रूप में हुई है।
मृतक की पहचान दशरथ वर्मा उर्फ रमाशंकर (उम्र 24) के रूप में हुई
पीड़ित के छोटे भाई संजय वर्मा ने 28 जून को लोरमी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका भाई दशरथ 27 जून की रात खाना खाने के बाद घर से निकला था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। मोबाइल बंद था और आस-पास काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर लोरमी पुलिस ने जांच शुरू की। संजय वर्मा ने यह भी जानकारी दी कि कुछ दिन पहले दशरथ का अज्जू ठाकुर और उसके साथियों से विवाद हुआ था। इसी आधार पर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की और संदेह के आधार पर चारों युवकों को हिरासत में लिया।
शराब पार्टी के दौरान दिया घटना को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि 27 जून की रात सभी आरोपी बाजारपारा क्षेत्र में चिकन और शराब पार्टी कर रहे थे। उसी दौरान दशरथ उधर से गुजरा। अज्जू ठाकुर ने उसे पास बुलाया और फिर पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई। इसके बाद चारों आरोपी दशरथ को कंकालिन मंदिर के पीछे सुनसान इलाके में ले गए और उस पर हमला कर दिया। अज्जू ठाकुर और पवन कुंभकार ने लोहे के चाकू से दशरथ के गले, सिर और माथे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिर चारों ने मृतक के हाथ-पैर तार और गमछे से बांध दिए, उसके शव पर भारी पत्थर बांधा और उसे मनियारी नदी में फेंक दिया।
शव बरामद, हथियार और अन्य सबूत जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से मनियारी नदी से शव को बरामद कर लिया। घटनास्थल से खून लगे कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किए गए हैं। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
लोरमी थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 140(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी सुशील बंछोर सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। यह घटना जिले में सनसनी का विषय बन गई है और समाज में युवाओं के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस द्वारा की गई तत्पर कार्रवाई से पीड़ित परिवार को थोड़ी राहत अवश्य मिली है, लेकिन यह घटना अपराध की बदलती प्रवृत्तियों को लेकर समाज के लिए एक चेतावनी भी है।