जगदम्बा फर्नीचर मार्ट पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7.8 घन मीटर अवैध काष्ठ और फर्नीचर जब्त
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Mahasamund. महासमुंद। जिले के सरायपाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंसुला स्थित जगदम्बा फर्नीचर मार्ट में वन विभाग ने अवैध काष्ठ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध सागौन और साल लकड़ी, तैयार फर्नीचर तथा बढ़ईगिरी में उपयोग होने वाली मशीनें जब्त की गई हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत 7 से 8 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डे एवं संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली यू.आर. बंसत के निर्देशन में की गई। सरायपाली वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रत्युष टाण्डेय के नेतृत्व में कर्मचारियों की एक विशेष टीम गठित कर तलाशी वारंट के माध्यम से नियमानुसार जांच की गई।
तलाशी के दौरान फर्नीचर मार्ट परिसर से अवैध सागौन चिरान 334 नग और साल चिरान 140 नग, कुल लगभग 1.540 घन मीटर लकड़ी बरामद की गई। इसके अतिरिक्त फर्नीचर मार्ट के पीछे करीब 700 मीटर क्षेत्र में छिपाकर रखे गए सागौन के 84 लट्ठे (4.000 घन मीटर) और साल के 31 लट्ठे (2.350 घन मीटर) भी जब्त किए गए। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 7.890 घन मीटर अवैध काष्ठ जब्ती में लिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार फर्नीचर भी बरामद किया गया। इसमें डायनिंग चेयर, सोफा सेट, मंदिर, दरवाजे, खिड़की फ्रेम, टी-टेबल, झूला, दिवान फ्रेम और बस्तर आर्ट से निर्मित सजावटी फर्नीचर शामिल हैं। इसके साथ ही अवैध काष्ठ से फर्नीचर निर्माण में उपयोग किए जा रहे बढ़ईगिरी के औजार और विद्युत चलित मशीनें भी जब्त की गईं।
वन विभाग ने मौके पर सभी अवैध काष्ठ, फर्नीचर और मशीनों को जब्त कर फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया है। मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 72(1)(ग) एवं छत्तीसगढ़ वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 15(1) के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। वन अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में वैध दस्तावेजों का अभाव पाया गया है। अब यह भी जांच की जा रही है कि अवैध काष्ठ की आपूर्ति किन स्रोतों से की गई और इसमें कौन-कौन लोग संलिप्त हैं। इस पूरी कार्रवाई में वनपालों, वनरक्षकों एवं सुरक्षा श्रमिकों की भूमिका सराहनीय रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, काष्ठ भंडारण और लकड़ी के गैरकानूनी व्यापार के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।