Kondagaon. कोण्डागांव। वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह के निर्देशानुसार उडऩदस्ता टीम ने अमरावती रेंज के अंतर्गत बीजापुर गांव में अवैध लकड़ी भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने शंकर नाग के घर पर सर्च वारंट के तहत तलाशी ली और 30 नग बीजा लकड़ी की चिरान बरामद की। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है। उडऩदस्ता प्रभारी मोतीलाल बेलसरिया के नेतृत्व में मंजीत चहल और अमरावती परिक्षेत्र के क्षेत्रीय कर्मचारी भी इस कार्रवाई में मौजूद रहे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरामद लकड़ी का भंडारण अवैध रूप से किया गया था और इसके लिए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
वन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य जंगल की कटाई और अवैध लकड़ी व्यापार को रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि बीजा लकड़ी जैसी कीमती लकड़ी का अवैध भंडारण न केवल वन संपदा को नुकसान पहुँचाता है बल्कि इससे वन्य जीवन और पर्यावरण भी प्रभावित होता है। उडऩदस्ता टीम ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी और अभियान जारी रहेगा। विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी अवैध लकड़ी भंडारण या कटाई की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। शंकर नाग के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अवैध लकड़ी के व्यापार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने बताया कि उडऩदस्ता टीम द्वारा की गई यह कार्रवाई जंगल संरक्षण और वन संपदा को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वन विभाग किसी भी कीमत पर अवैध कटाई और लकड़ी के व्यापार को बर्दाश्त नहीं करेगा। कोण्डागांव जिले में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर यह कार्रवाई एक संदेश भी है कि वन विभाग अवैध गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि जंगल और वन्य जीवन का संरक्षण सख्ती से किया जाए।
अधिकारियों का यह भी कहना है कि बीजा लकड़ी जैसी कीमती लकड़ी का अवैध भंडारण भविष्य में गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है और आवश्यकतानुसार और भी छापेमारी की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग और वन क्षेत्र के अधिकारी इस अभियान की सराहना कर रहे हैं। वन मंडलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा प्राथमिकता है और अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।