फर्जी दस्तावेज से जमानत लेने का आरोप, महिला जमानतदार के खिलाफ FIR दर्ज
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में न्यायालय के आदेश पर एक महिला जमानतदार के खिलाफ फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर जमानत लेने के आरोप में अपराध दर्ज किया गया है। मामला स्पेशल जज फार स्पेशल कोर्ट (सीबीआई केस) रायपुर के आदेश से जुड़ा है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया जांच में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कार्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर में पदस्थ प्रस्तुतकार हौसीलाल बिसाने ने थाना सिविल लाइन रायपुर में न्यायालय का आदेश और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर महिला जमानतदार कुमारी बाई कंवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने कुमारी बाई कंवर के विरुद्ध धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
मामला विशेष प्रकरण (सीबीआई) क्रमांक 8/2025 सीबीआई विरुद्ध विशाल आनंद एवं अन्य से संबंधित है। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी कुनाल आनंद को 17 दिसंबर 2025 को निर्धारित शर्तों के आधार पर जमानत प्रदान की गई थी। जमानत प्रक्रिया के दौरान कुमारी बाई कंवर पति सांवंत राम कंवर निवासी ग्राम हरदी, पोस्ट बांकल, जिला राजनांदगांव ने 50 हजार रुपये की जमानत प्रस्तुत की थी। बताया गया कि जमानतदार ने ग्राम खपरीकला, तहसील डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव स्थित खसरा नंबर 121/1 की जमीन से संबंधित ऋण पुस्तिका के आधार पर जमानत ली थी। न्यायालय ने जमानतदार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सीबीआई एसीबी रायपुर के माध्यम से जांच कराई थी।
सीबीआई एसीबी छत्तीसगढ़ रायपुर की ओर से भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार संबंधित पटवारी द्वारा जांच के दौरान बताया गया कि कुमारी बाई कंवर के नाम पर खपरीकला क्षेत्र में 10 डिसमिल भूमि दर्ज है, लेकिन मौके पर वह भूमि उपलब्ध नहीं है। साथ ही जांच में यह भी बताया गया कि प्रस्तुत की गई किसान किताब सही नहीं पाई गई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि किसान किताब में तहसीलदार और पटवारी के हस्ताक्षर भी सही नहीं हैं। जांच एजेंसी ने इसे कूटरचित दस्तावेज होने की संभावना जताई। इसके आधार पर न्यायालय ने माना कि जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में गड़बड़ी प्रथम दृष्टया दिखाई दे रही है।
सीबीआई एसीबी के आरक्षक लोकेश्वर सिंह द्वारा किए गए आधार कार्ड सत्यापन में हालांकि जमानतदार का नाम, पता और आधार संबंधी जानकारी सही पाई गई थी। लेकिन जमीन संबंधी दस्तावेजों की जांच में कथित फर्जीवाड़े की बात सामने आने के बाद न्यायालय ने जमानतदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि जमानतदार कुमारी बाई कंवर द्वारा प्रस्तुत ऋण पुस्तिका और संबंधित दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध है। इसके बाद न्यायालय में पदस्थ प्रस्तुतकार को संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया। थाना प्रभारी सिविल लाइन रायपुर को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों के बयान लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।