रायपुर में 15 लाख की फर्जी लूट का पर्दाफाश, पीड़ित ही निकला आरोपी

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Update: 2025-08-12 17:29 GMT
Raipur. रायपुर। थाना पंडरी पुलिस ने लाखों रुपये की लूट की गुत्थी सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस प्रार्थी ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी चिराग जैन ने एमसीएक्स (MCX) में हुए भारी नुकसान और उड़ीसा के एक व्यापारी के कर्ज से बचने के लिए 15 लाख रुपये की रकम गायब कर फर्जी लूट की कहानी रची थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से 15 लाख रुपये नकद, तीन छोटी अंगूठियां और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
घटना की शुरुआत — झूठा मामला दर्ज
11 अगस्त 2025 को वालफोर्ट वुड्स, थाना विधानसभा निवासी चिराग जैन ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पिता के नाम पंजीकृत "श्री रॉकड्रिल्स" और अपने नाम की "श्री इंटरप्राइजेस" फर्म का संचालन करता है। यह फर्म देवेंद्र नगर, जायसवाल नर्सिंग होम के पास किराए के भवन में चलती है, जहां हर माह 20-25 लाख रुपये का लेनदेन होता है। उसने बताया कि 5 अगस्त से 8 अगस्त के बीच हुई खरीदी-बिक्री की रकम, कुल 15 लाख रुपये, उसने कार्यालय की अलमारी में रखी थी। 11 अगस्त की सुबह 11 बजे वह रकम बैंक में जमा करने के लिए निकला। लगभग 11:30 बजे, कांपा रेलवे फाटक के पास, काले रंग की बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उसकी कार रोक ली। प्रार्थी के अनुसार, दो बदमाश उसकी कार में घुस आए, धारदार हथियार उसकी गर्दन पर रखकर मोबाइल बाहर फेंक दिया और उसकी उंगलियों में पहनी अंगूठियां व कैश से भरा बैग लेकर फरार हो गए। उसने बताया कि बाइक पर काले रंग के नंबर प्लेट पर "BOSS" लिखा था। पुलिस ने इस बयान के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
पुलिस की सक्रिय जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) नरेश पटेल, उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संजय सिंह और थाना प्रभारी पंडरी सहित एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को जांच के निर्देश दिए। टीम ने प्रार्थी से आरोपियों के हुलिए और बाइक के बारे में विस्तृत पूछताछ की, साथ ही घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में कहीं भी घटना घटित होती नजर नहीं आई। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी किसी ने ऐसी घटना की पुष्टि नहीं की।
संदेह गहराया, सच सामने आया
पुलिस ने जब प्रार्थी चिराग जैन से पुनः पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदलता रहा और जांच को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। घटनास्थल के रिक्रिएशन और तकनीकी साक्ष्यों में अंतर पाए जाने पर पुलिस का संदेह गहरा गया। कड़ी पूछताछ के बाद चिराग जैन अपने झूठ के आगे ज्यादा देर टिक न सका और सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि उसने खुद ही अपने पास रखे 15 लाख रुपये और अंगूठियां छिपाकर यह मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी, ताकि एमसीएक्स में हुए नुकसान और उड़ीसा के व्यापारी को भुगतान करने से बच सके।
बरामदगी और कार्रवाई
चिराग जैन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से पूरी 15 लाख रुपये की रकम, तीन छोटी अंगूठियां और एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी: चिराग जैन, पिता चंद्रसिंह चंडालिया, उम्र 27 वर्ष, निवासी वालफोर्ट वुड्स, थाना विधानसभा, रायपुर।
पुलिस की भूमिका
इस खुलासे में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना पंडरी पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। उनकी सतर्कता, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और गहन पूछताछ ने इस फर्जी लूट की साजिश को बेनकाब कर दिया।
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