Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने नकली कीटनाशक बनाने के गोरखधंधे का बड़ा खुलासा किया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह इलाके में एक झोपड़ी से भारी मात्रा में नकली कीटनाशक जब्त किया गया है। मौके पर पैकेजिंग करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पकड़ा गया युवक दिहाड़ी मजदूरी करता है और उसे एक व्यापारी द्वारा यह अवैध काम करवाया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं मुख्य सप्लायर व्यापारी की तलाश की जा रही है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई तब हुई जब बिहार के मधुबनी निवासी रंजीत कुमार सिंह ने पुलिस को शिकायत दी। रंजीत की कंपनी "पायरेसी डिफरेंस फोर्स" बाजार में बिक रहे नकली उत्पादों की जांच करती है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर और आसपास के इलाकों में नकली कीटनाशक खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी शिकायत पर पुलिस ने दबिश दी और आरोपी रवि सोनी को हिरासत में ले लिया।
10 बूंद से बन जाता था 1 लीटर कीटनाशक
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसे एक अज्ञात व्यापारी ने केमिकल और पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराई थी। इस केमिकल की केवल 10 बूंद पानी में मिलाकर 1 लीटर नकली कीटनाशक तैयार हो जाता था। इसके बाद वह उसे डिब्बों में भरकर बाजार में सप्लाई करता था।
आरोपी बोला- जहर नहीं था केमिकल
शुरुआत में रवि ने इस काम को करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि पैकिंग पर ‘जहर’ लिखा था। लेकिन व्यापारी ने उसे भरोसा दिलाने के लिए खुद केमिकल पीकर दिखाया और कहा कि यह जहरीला नहीं है। इसके बाद आरोपी ने लालच में आकर पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया।
ग्रामीण बाजारों में हो रही थी सप्लाई
जांच में यह भी सामने आया है कि यह नकली कीटनाशक मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में बेचा जा रहा था। किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उनके फसलों पर दवा असर नहीं कर रही है। कंपनी के अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि यह नेटवर्क दुर्ग समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक फैला हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजारों और छोटे कस्बों में इसकी सप्लाई हो रही थी।
किसानों को भारी नुकसान
नकली कीटनाशक के इस्तेमाल से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थीं। कई जगहों पर फसल में कीड़े लगने की शिकायतें आईं, जबकि किसानों का मानना था कि वे बाजार से खरीदी गई दवा का छिड़काव कर रहे हैं। इस गोरखधंधे से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा बल्कि उनकी मेहनत भी बर्बाद हो गई।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
सरकंडा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी रवि सोनी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उस व्यापारी की तलाश कर रही है, जो इस धंधे का मास्टरमाइंड है और केमिकल व पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराता था।
जिले में फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नकली कीटनाशक बनाने का यह धंधा सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं है। दुर्ग, कोरबा और रायगढ़ जैसे जिलों में भी इस तरह की नकली दवाओं की सप्लाई होने की आशंका है। पुलिस ने अन्य जिलों की कृषि विभाग की टीमों को भी अलर्ट कर दिया है।
प्रशासन ने की किसानों से अपील
इधर, प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे कीटनाशक केवल अधिकृत डीलरों से ही खरीदें और उसके पैकेजिंग पर कंपनी का नाम, बैच नंबर और लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। नकली कीटनाशक मिलने पर तुरंत पुलिस या कृषि विभाग को सूचना दें। इस कार्रवाई ने नकली उत्पादों के खिलाफ चल रहे गोरखधंधे पर बड़ा प्रहार किया है। पुलिस की आगे की जांच से कई और नाम सामने आने की संभावना है।