बिलासपुर। बिल्डर से लेन-देन के विवाद में पुलिस ने थाने में बुलाकर जबरदस्ती इकरारनामा तैयार करा लिया। पीड़ित की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी को कानून सम्मत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

रायपुर के राजू कदम वर्मा ने अपनी याचिका में बताया है कि उसका एक बिल्डर से लेन-देन का विवाद चल रहा था। बिल्डर उससे कम काम करके अधिक पैसों की मांग कर रहा था। एक बार बिल्डर ने इसी विवाद में उस पर हमला भी किया था, जिसकी रिपोर्ट उसने सन् 2019 में मुजगहन थाने में दर्ज कराई थी। रायपुर कोर्ट में अभी भी यह मामला चल रहा है। 27 अगस्त को पुराने केस में बयान देने के नाम पर उसे टिकरापारा थाने में बुलाया गया। वहां पर थाना प्रभारी ने उसे गैरकानूनी ढंग से हिरासत में ले लिया। अगले दिन थाने में बिल्डर और उसके साथी ने डरा-धमकाकर उससे एक फर्जी इकरारनामा बनवाया। साथ ही उससे 2.50 लाख रुपये का एक चेक भी ले लिया गया। अगले दिन बिल्डर ने इकरारनामे की नोटरी भी करा लिया। याचिकाकर्ता पुलिस की प्रताड़ना से बीमार हो गया था। तबीयत ठीक होने पर उसने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए गृह मंत्री व पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिया और दबाव पूर्वक इकरारनामे बनवाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए उसे हाईकोर्ट में याचिका लगानी पड़ी।

हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस अधीक्षक रायपुर को विधिसम्मत कार्रवाई कर सूचित करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

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