उचित मूल्य दुकानों व आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताओं पर जताई अप्रसन्नता

छग

Update: 2026-04-29 18:08 GMT
Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के माननीय अध्यक्ष संदीप शर्मा ने आज सूरजपुर जिले के प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पूरक पोषण आहार योजना, मध्यान्ह भोजन योजना तथा शासकीय आश्रम एवं छात्रावासों को बीपीएल दर पर प्रदाय खाद्यान्न एवं भोजन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक से पूर्व आयोग के दल ने जिले की विभिन्न उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शासकीय आश्रमों का औचक निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
आयोग के दल ने भैयाथान विकासखंड की ग्राम पंचायत परसिया, ओडगी नगर एवं विकासखंड की ग्राम पंचायत खर्रा तथा सूरजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पतरापारा की उचित मूल्य दुकानों की सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान ओडगी विकासखंड की 02 दुकानों तथा भैयाथान एवं सूरजपुर विकासखंड की 1-1 दुकान में पाए गए चावल की गुणवत्ता पर आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने अप्रसन्नता व्यक्त की और चावल के लिए गए सैंपल की शीघ्र जांच कराने के निर्देश दिए। ओडगी नगर की उचित मूल्य दुकान में निरीक्षण के दौरान चावल का स्टॉक लगभग 400 बोरा अधिक पाया गया। साथ ही गंभीर अनियमितता यह सामने आई कि दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों से 03 महीने के चावल हेतु अंगूठा लगवाकर मात्र 01 माह का ही चावल वितरित किया जा रहा था। इस पर आयोग के अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए दुकान संचालनकर्ता एजेंसी के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करने तथा संबंधित हितग्राहियों को शेष 02 माह का चावल तुरंत वितरित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने जिले की समस्त उचित मूल्य दुकानों को प्रतिदिन समय पर खोलने, सभी आवश्यक सूचनाओं को प्रदर्शित करने, नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रत्येक माह समय पर एवं निर्धारित गुणवत्ता के खाद्यान्न के भंडारण के निर्देश दिए। जिले की 28 ऑफलाइन दुकानों के नियमित निरीक्षण तथा 03 पहुंचविहीन दुकानों तक सड़क और पुल/पुलिया निर्माण कराकर इन्हें बारहमासी नियमित खाद्यान्न भंडारण के योग्य बनाने के निर्देश भी दिए गए। राज्य शासन के निर्देशानुसार 03 माह के खाद्यान्न भंडारण की समीक्षा कर शेष चावल को शीघ्र भंडारित कर वितरण हेतु उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक हितग्राही को अनिवार्य रूप से माह अप्रैल से जून तक का 03 माह का चावल एकमुश्त वितरित करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में ई-केवायसी हेतु शेष सभी 42,000 सदस्यों की यह कार्यवाही विशेष अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण करने पर बल दिया गया।
आयोग के दल ने ओडगी विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र इंदरपुर एवं खर्रा का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्र खर्रा में निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ता द्वारा 5 बच्चों की उपस्थिति बताई गई, जबकि पोषण ट्रैकर में 20 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। इस गंभीर विसंगति पर आयोग के अध्यक्ष ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सुपरवाइजर एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा पोषण ट्रैकर में सही उपस्थिति की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही गलत जानकारी दर्ज करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिले की समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था करने, केंद्रों को स्टील के प्रेशर कुकर शीघ्र प्रदाय करने, सामग्री की स्टॉक सूची अद्यतन रखने तथा शिकायत हेतु खाद्य विभाग के कॉल सेंटर की जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

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