EMRS छात्र मौत मामला: प्राचार्य मनोज गुप्ता निलंबित

छग

Update: 2026-08-06 16:01 GMT
Sakti. सक्ती। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) सक्ती में कक्षा 9वीं के छात्र उमेश कंवर की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। छात्र की मौत के बाद विद्यालय के प्राचार्य मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली के आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है। जारी आदेश के अनुसार, प्राचार्य मनोज गुप्ता के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (CCS) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान प्राचार्य मनोज गुप्ता को नया रायपुर स्थित EMRS सोसायटी से संबद्ध किया गया है। विभागीय स्तर पर इस मामले को गंभीर मानते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छात्र उमेश कंवर की संदिग्ध मौत के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में सक्ती एसडीएम, एसडीओपी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) को शामिल किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। कलेक्टर ने समिति को पूरे मामले की जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच समिति छात्र की मौत के कारणों, विद्यालय प्रबंधन की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संबंधित बिंदुओं की जांच करेगी।

पूरा मामला एकलव्य आदर्श बालक छात्रावास ग्राम पलाड़ी खुर्द का है। मृतक छात्र उमेश कंवर कक्षा 9वीं में अध्ययनरत था और ग्राम बासिन का निवासी था। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह जब अन्य छात्र बाथरूम की ओर गए, तब उन्हें उमेश के बाथरूम में फंदे से लटके होने की जानकारी मिली। घटना के बाद छात्रावास और विद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में छात्र को सक्ती अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।
छात्र की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन से जुड़ी कुछ शिकायतें पहले भी सामने आई थीं। बताया जा रहा है कि इससे पहले छात्र अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे थे। हालांकि इन शिकायतों और छात्र की मौत के बीच संबंधों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। प्रशासन का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
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