Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नालों और रपटों को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला खोडरी थाना क्षेत्र के बढ़ावनढांड-पीपरखूंटी मार्ग से सामने आया, जहां खूंटी नाले के तेज बहाव में एक बुजुर्ग बाइक सवार बाइक समेत पानी में गिर गया। गनीमत रही कि बुजुर्ग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया और उसकी जान बच गई।
जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के चलते खूंटी नाले का जलस्तर बढ़ गया था। नाले के रपटे के ऊपर से पानी तेज गति से बह रहा था। पानी का बहाव इतना तेज था कि उस रास्ते से गुजरना बेहद जोखिम भरा था। स्थिति को देखते हुए दोनों ओर ग्रामीण मौजूद थे और जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों को अंदाजा था कि तेज बहाव के बीच नाला पार करना किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसी दौरान एक बुजुर्ग बाइक सवार वहां पहुंचा। ग्रामीणों ने उसे नाले की स्थिति दिखाई और शोर मचाकर पानी कम होने तक इंतजार करने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के मना करने के बावजूद बुजुर्ग ने उनकी बात नहीं मानी। वह अपनी बाइक लेकर उफनते नाले के रपटे पर उतर गया।
बाइक जैसे ही नाले के तेज बहाव के बीच पहुंची, पानी के तेज थपेड़ों से उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बाइक सवार बुजुर्ग बाइक समेत पानी में गिर पड़ा। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि बुजुर्ग ने किसी तरह खुद को संभाला और तेज बहाव के बीच संघर्ष करते हुए बाहर निकलने में कामयाब रहा। इस घटना में बुजुर्ग को गंभीर नुकसान होने से बच गया। यदि वह तेज बहाव में कुछ और दूर तक बह जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हादसे के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नाले में पानी के तेज बहाव और बाइक सवार के पानी में गिरने की स्थिति दिखाई दे रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान खूंटी नाले का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। रपटे के ऊपर पानी बहने के दौरान रास्ता पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है। कई बार लोग जल्दबाजी में खतरा उठाकर नाला पार करने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान ऐसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। नाले का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को रास्ता पार करने से रोकने के लिए पुलिस या प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती की जाए। इसके अलावा रपटे के दोनों ओर चेतावनी संकेतक और खतरे से संबंधित बोर्ड लगाए जाएं, ताकि राहगीरों को पानी के तेज बहाव की स्थिति में आगे नहीं बढ़ने की चेतावनी मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल चेतावनी बोर्ड लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जलस्तर अधिक होने पर रास्ते को अस्थायी रूप से बंद करने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। इससे लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करने से रोका जा सकता है। लगातार बारिश के बीच जिले के नदी-नालों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। खूंटी नाले की यह घटना लोगों के लिए भी चेतावनी है कि तेज बहाव वाले पानी को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों की सतर्कता के बावजूद बुजुर्ग ने नाला पार करने का प्रयास किया और हादसे का शिकार हो गया। सौभाग्य से वह सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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