छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में चमक बिखेरी, देश में दूसरा स्थान हासिल किया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हार्दिक बधाई दी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के छात्रों ने 11 से 15 नवंबर 2025 तक ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित चौथी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस आयोजन में पूरे भारत से लगभग 7,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए, 516 सदस्यीय दल ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें 75 ईएमआरएस संस्थानों में स्कूल, जिला, संभागीय और राज्य स्तरीय ट्रायल के माध्यम से चुने गए 466 छात्र एथलीट शामिल थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि आदिवासी शिक्षा को मजबूत करने, खेल बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और युवा एथलीटों को निरंतर प्रोत्साहित करने के राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चौथी ईएमआरएस राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2025 में टीम की उल्लेखनीय सफलता की सराहना करते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे युवा खिलाड़ियों की अथक मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रमाण है। मेरी ओर से पूरे दल को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।"
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार आदिवासी प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रशिक्षण और कोचिंग प्रणालियों को उन्नत करने और आवासीय विद्यालयों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों, प्रशिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया, जिनकी प्रेरणा और समर्थन से बच्चे राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाए।
छत्तीसगढ़ के एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य सहित कुल 162 पदक जीते। उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में तैराकी में 10 स्वर्ण, 9 रजत, 7 कांस्य, कुश्ती में 7 स्वर्ण, एथलेटिक्स में 7 स्वर्ण, ताइक्वांडो में 5 स्वर्ण, तीरंदाजी में 5 स्वर्ण, जूडो में 4 स्वर्ण और बैडमिंटन में 4 स्वर्ण पदक जीतना शामिल है।समापन समारोह के दौरान, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने छत्तीसगढ़ दल को ट्रॉफी प्रदान की, जो राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के 75 ईएमआरएस संस्थानों में 27,300 से अधिक छात्र नामांकित हैं। ये स्कूल न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर बल्कि छात्रों के समग्र मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल विकास पर निरंतर जोर देने से ईएमआरएस के छात्र इस ऐतिहासिक सफलता को प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं, जिससे आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के साथ-साथ पूरे राज्य का गौरव बढ़ा है।इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने भी सभी विजेता विद्यार्थियों, शिक्षकों और पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी।