Raipur. रायपुर। रेल परिचालन में यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में सजगता, जिम्मेदारी और बेहतर संरक्षा कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रायपुर रेल मंडल के 8 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक रायपुर दयानंद ने इन कर्मचारियों को संरक्षा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान डीआरएम ने सम्मानित कर्मचारियों से उनके संरक्षा संबंधी कार्यों पर चर्चा भी की और उनकी जिम्मेदारियों को लेकर जानकारी ली। रेलवे में संरक्षा का सीधा संबंध सुरक्षित रेल परिचालन से है। ट्रेनों के संचालन से लेकर ट्रैक, सिग्नल, तकनीकी व्यवस्था और ट्रेन संचालन से जुड़े विभिन्न कार्यों में कर्मचारियों की सजगता बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी स्तर पर थोड़ी सी लापरवाही रेल परिचालन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में अपने निर्धारित कर्तव्यों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ निभाने वाले रेलकर्मियों की भूमिका यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम मानी जाती है।
मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने संरक्षा कोटि के 8 कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। सम्मान के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इसी तरह सजगता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया। रेलवे की संरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के योगदान को इस अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित किया गया। सम्मानित रेल कर्मचारियों में होरीलाल मांडले, टेक्नीशियन ग्रेड-1, भाटापारा; यशवंत, टेक्नीशियन ग्रेड-1, रायपुर; चंदन कुमार सिंह, वरिष्ठ गुड्स ट्रेन मैनेजर, बीएमवाई; मंजू सागर, वरिष्ठ गुड्स ट्रेन मैनेजर, बीएमवाई; चमन लाल, पीएमए, केंद्री; अनिरुद्ध कुमार आरडे, सिग्नल अनुरक्षक ग्रेड-2, दल्लीराजहरा; अशोक कुमार, ट्रैक मेंटेनर-1, भिलाई और विश्वनाथ नायक, ट्रैक मेंटेनर-3, भिलाई शामिल हैं।
इन सभी कर्मचारियों का काम रेलवे की अलग-अलग संरक्षा श्रेणियों से जुड़ा हुआ है। तकनीकी कर्मचारी, ट्रेन मैनेजर, सिग्नल से जुड़े कर्मचारी और ट्रैक मेंटेनर रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ट्रैक की स्थिति, सिग्नल व्यवस्था, ट्रेन संचालन और अन्य तकनीकी पहलुओं पर कर्मचारियों की सतर्कता से रेल परिचालन को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने में मदद मिलती है। रेलवे में ट्रेन के सुरक्षित संचालन के लिए केवल लोको पायलट या ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले तकनीकी और संरक्षा कर्मचारियों का योगदान भी उतना ही अहम होता है। ट्रैक मेंटेनर से लेकर सिग्नल अनुरक्षक और ट्रेन मैनेजर तक प्रत्येक कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते हुए रेल व्यवस्था को सुरक्षित रखने में योगदान देता है।
मंडल रेल प्रबंधक द्वारा कर्मचारियों का सम्मान किए जाने का उद्देश्य बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाना भी है। ऐसे सम्मान से कर्मचारियों में अपने दायित्वों के प्रति और अधिक जिम्मेदारी और प्रेरणा की भावना विकसित होती है। साथ ही अन्य रेल कर्मचारियों को भी संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने कार्यों को पूरी सजगता और निपुणता के साथ करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। रेल प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित और निर्बाध रेल परिचालन सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक रेल कर्मचारी द्वारा अपने निर्धारित कर्तव्यों को सही तरीके से पूरा करने और किसी भी संभावित खतरे के प्रति समय रहते सजग रहने से यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद मिलती है। संरक्षा से जुड़े कर्मचारियों की सतर्कता रेलवे की पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाती है।
सम्मान समारोह के अवसर पर संबंधित अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सम्मानित कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन मिला और रेलवे में सुरक्षित परिचालन के लिए लगातार सजग रहने का संदेश दिया गया। रायपुर रेल मंडल में 8 कर्मचारियों को मिला यह सम्मान इस बात को रेखांकित करता है कि रेल परिचालन की सफलता में कर्मचारियों की जिम्मेदारी और सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे में संरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मियों का सम्मान न केवल उनके योगदान की पहचान है, बल्कि पूरे रेल परिवार को बेहतर और सुरक्षित कार्य संस्कृति के लिए प्रेरित करने वाला कदम भी है।