धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया गया है। जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में आज यानी 25 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के चलते छात्रहित और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अवकाश के दिन स्कूलों में किसी भी तरह की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी।
वहीं, वर्तमान में चल रही त्रैमासिक परीक्षा को लेकर भी विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। परीक्षा की आगामी तिथि के संबंध में पृथक से आदेश जारी किया जाएगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि परीक्षा की नई तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी के लिए अपने विद्यालय अथवा संबंधित विभाग की ओर से जारी सूचना पर नजर बनाए रखें।
जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, महानदी में छोड़ा जा रहा बड़ी मात्रा में पानी; तटीय गांवों में अलर्ट
धमतरी जिले में लगातार हो रही वर्षा के चलते प्रमुख जलाशयों में जलभराव तेजी से बढ़ा है। 25 सितंबर 2026 को प्रातः 8 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगरेल जलाशय 98.14 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 100 प्रतिशत, दुधावा 97.21 प्रतिशत तथा सोदूर जलाशय 88.18 प्रतिशत भर चुका है। जलाशयों में लगातार हो रही आवक को देखते हुए जल प्रबंधन एवं सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न जलाशयों से पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
गंगरेल जलाशय में 64,117 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है तथा जलाशय के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से रुद्री बैराज के माध्यम से 6,000 क्यूसेक पानी नहर में तथा 48,950 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। जलाशय में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए जल प्रबंधन एवं सुरक्षा की दृष्टि से पानी निकासी की जा रही है।
इसी तरह मुरुमसिल्ली जलाशय में 7,465 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और जलाशय से 7,286 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। दुधावा जलाशय में 18,724 क्यूसेक पानी की आवक के बीच 16,606 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं सोदूर जलाशय में 16,624 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है तथा 5 गेटों से 16,402 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। जलाशयों में पानी की आवक और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर पानी छोड़े जाने की मात्रा में और वृद्धि की जा सकती है।
जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी सहित संबंधित नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे सभी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है।

 

Tags: