Raipur. रायपुर। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां बालगोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में कार्यरत एक डॉक्टर से फर्जी स्कीम के नाम पर कुल 1,51,439 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़िता ने मामले की शिकायत थाना सिटी कोतवाली में दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता पूजा किशोर रूम, जो बालगोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं और हॉस्पिटल हॉस्टल में रहती हैं, उन्हें 24 अप्रैल 2026 को व्हाट्सएप के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें आकर्षक स्कीम का झांसा देकर विश्वास में लिया और यूपीआई के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा।
पीड़िता के अनुसार, विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनसे कुल 1,51,439 रुपये की राशि अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करवाई गई। इनमें कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों का उपयोग किया गया। कुछ ट्रांजेक्शन पीड़िता ने अपने दोस्तों के खातों से भी करवाई, क्योंकि उनके स्वयं के बैंक खाते की लिमिट 1 लाख रुपये थी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने व्हाट्सएप नंबरों के माध्यम से स्कीम का झांसा देकर पैसे ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क बंद कर दिया। जब पीड़िता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत सिटी कोतवाली थाने में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा पाया गया है, जिसमें व्हाट्सएप और यूपीआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से यह भी पता लगाया जा रहा है कि रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और इन खातों का संचालन कौन कर रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, स्कीम या व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। फिलहाल पुलिस टीम पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया गया है।