Mahasamund. महासमुंद। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हेमंत नंदनवार ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत कार्यालय की सभी संबंधित शाखाओं के प्रभारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीओ, परियोजना अधिकारी, तकनीकी सहायक और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। श्री नंदनवार ने महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया और अपूर्ण तथा प्रगति पर चल रहे कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि हर परियोजना की निगरानी समय-समय पर की जाए ताकि कार्यों में देरी न हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो।
सीईओ ने जल संरक्षण और जल संवर्धन से संबंधित योजनाओं के कार्यों के लिए प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संसाधन संबंधी परियोजनाओं में तेजी लाना और आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि सभी आवास निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएँ और लाभार्थियों तक सही समय पर लाभ पहुंचे।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय, वॉटरशेड, सेग्रिगेशन शेड सहित अन्य प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की गई। सीईओ ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ-साथ समयसीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के महत्व को भी रेखांकित किया।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक योजना के क्रियान्वयन में विभागीय मानकों का पालन हो और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे। जिला पंचायत द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
श्री नंदनवार ने यह स्पष्ट किया कि जिले में विकास कार्यों की प्रगति पर निरंतर नजर रखी जाएगी और सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखना और लाभार्थियों को समय पर सेवा प्रदान करना शासन की प्राथमिकता है। इस समीक्षा बैठक के माध्यम से जिला पंचायत ने यह सुनिश्चित किया कि जिले में सभी सरकारी योजनाएँ समयबद्ध, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण रूप से लागू हों, जिससे ग्रामीणों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।
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