धमतरी पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दी साइबर सुरक्षा जानकारी
छग
Dhamtari. धमतरी। धमतरी पुलिस द्वारा जिले में युवाओं और विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मेनोनाइट हिन्दी मिडियम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धमतरी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति और नए आपराधिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने भाग लिया।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नियमों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना भी था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में युवाओं की भूमिका समाज निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण है और यदि वे कानूनों तथा सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक रहेंगे तो अपराधों और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक नियमों की विस्तार से जानकारी दी। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। यदि प्रत्येक नागरिक यातायात नियमों का पालन करे तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके और दूसरों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
नशामुक्ति का दिया संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना सकती है और उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकती है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने मित्रों व परिजनों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही समाज और देश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी
डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और ओटीपी साझा करने जैसी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और सोशल मीडिया पर आने वाले लालच भरे संदेशों से सतर्क रहना चाहिए। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराए। अधिकारियों ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से कई मामलों में ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
नए आपराधिक कानूनों की दी सरल जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के बारे में भी सरल भाषा में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों को समझाते हुए बताया कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
विद्यार्थियों को कानूनों के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है, क्योंकि इससे समाज में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पुलिस ने दिए व्यवहारिक जवाब
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से यातायात, साइबर अपराध, नशामुक्ति और नए कानूनों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। अधिकारियों ने सभी प्रश्नों के सरल, व्यवहारिक और उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिए। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान किया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य सुरक्षित यातायात, साइबर अपराधों की रोकथाम, नशामुक्त समाज का निर्माण और युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती एस. मसीह, समस्त शिक्षकगण, यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक खेमराज साहू, यातायात स्टाफ प्रधान आरक्षक पेमन साहू, चालक योगेश गौतम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने पुलिस द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को गंभीरता से सुना और ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। धमतरी पुलिस ने विश्वास जताया कि इस तरह के सतत जागरूकता अभियानों से जिले में सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।