युक्तियुक्तकरण में धांधली के आरोप में डीईओ कार्यालय के लिपिक ब्रजकिशोर तिवारी को हटाया गया
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Ambikapur. अंबिकापुर। अंबिकापुर में युक्तियुक्तकरण में धांधली करने की शिकायत के बाद डीईओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड–2 लिपिक ब्रजकिशोर तिवारी को हटाने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई का असर उस समय हुआ जब कांग्रेस पार्टी ने डीईओ कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ युक्तियुक्तकरण में भ्रष्टाचार की जांच कराने और आरोपियों को अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की थी। कांग्रेस के अनुसार, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक नई सिन्हा और डीईओ कार्यालय में सहायक ग्रेड–2 ब्रजकिशोर तिवारी के खिलाफ युक्तियुक्तकरण में भ्रष्टाचार की जांच की मांग पहले ही की जा चुकी थी। इसके लिए कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने सरगुजा संभाग आयुक्त और सरगुजा संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं, बावजूद इसके उन्हें उनके पद से हटाने के बजाय कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई। वहीं, सहायक ग्रेड–2 ब्रजकिशोर तिवारी को हटाने के लिए संयुक्त संचालक शिक्षा के द्वारा तीन बार पत्र भेजा गया, लेकिन डीईओ के करीबी होने के कारण अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। ज्ञापन और शिकायतों के बाद अब डीईओ कार्यालय में पदस्थ ब्रजकिशोर तिवारी को तत्काल प्रभाव से हटा कर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, गांधीनगर ब्लॉक, अंबिकापुर में पदस्थ किया गया है। इस कदम को प्रशासन की ओर से भ्रष्टाचार और अनुचित कार्यवाही के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से देरी से की गई थी।
इससे पहले कई प्रयास करने के बावजूद भी भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब तिवारी को अन्यत्र पदस्थ करने से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि प्रशासन अवैध और अनुचित गतिविधियों के प्रति सतर्क है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आगामी दिनों में युक्तियुक्तकरण में शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने और युक्तियुक्तकरण जैसी शिकायतों का समय पर निवारण करने की उम्मीद जगी है। इस कदम से न केवल भ्रष्टाचार के आरोपियों के खिलाफ प्रशासन की सक्रियता दिखाई देती है, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों में जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना को भी बल मिलेगा। अंततः, ब्रजकिशोर तिवारी की डीईओ कार्यालय से हटाने की यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में नियम और कानून के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।